भैयाथान मेन रोड से लगी जमीन के छोटे-छोटे प्लॉट काटकर रजिस्ट्री का सिलसिला जारी होने का आरोप, पटवारी के कथित बयान से उठे गंभीर सवाल; जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों की भूमिका पर भी निगाहें…
सूरजपुर/भैयाथान:– सूरजपुर जिले के भैयाथान ब्लॉक अंतर्गत ग्राम पंचायत सिरसी में मेन रोड से सटी जमीन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। आरोप है कि जमीन के राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ कर उसे छोटे-छोटे प्लॉटों में बांटकर अलग-अलग लोगों के नाम रजिस्ट्री कराई जा रही है। दावा है कि संबंधित जमीन के आधे से अधिक हिस्से की रजिस्ट्री पहले ही कई लोगों के नाम हो चुकी है, जबकि शेष जमीन के छोटे-छोटे टुकड़ों की रजिस्ट्री का सिलसिला लगातार जारी है।
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा सवाल यह है कि यदि राजस्व रिकॉर्ड में वास्तव में छेड़छाड़ हुई है, तो इसकी जानकारी सामने आने के बावजूद अब तक शिकायत क्यों नहीं की गई? क्या संबंधित अधिकारियों को पूरे मामले की जानकारी है? यदि जानकारी है, तो अब तक जांच और कार्रवाई की स्थिति क्या है?
आधे से ज्यादा जमीन की रजिस्ट्री, अब छोटे-छोटे प्लॉटों का खेल?
स्थानीय स्तर पर लगाए जा रहे आरोपों के मुताबिक, ग्राम सिरसी में मुख्य सड़क से लगी जमीन को छोटे-छोटे हिस्सों में बांटकर अलग-अलग व्यक्तियों के नाम रजिस्ट्री कराने की प्रक्रिया चल रही है। दावा किया जा रहा है कि जमीन के आधे से अधिक हिस्से की रजिस्ट्री पहले ही हो चुकी है। ऐसे में सवाल उठता है कि जमीन की मूल प्रकृति क्या थी, राजस्व रिकॉर्ड में क्या दर्ज था और रजिस्ट्री से पहले भूमि की स्थिति का नियमानुसार सत्यापन किया गया या नहीं?
यदि संबंधित जमीन राजस्व रिकॉर्ड में छोटे झाड़ मद के रूप में दर्ज थी, तो उसकी वर्तमान स्थिति, भूमि उपयोग में बदलाव और प्रत्येक रजिस्ट्री की वैधानिकता की जांच बेहद जरूरी है।

पटवारी से बातचीत के बाद और गहराया मामला….
इस प्रकरण में उस समय सवाल और गंभीर हो गए, जब मामले को लेकर संबंधित पटवारी से बातचीत की गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, पटवारी ने भी रिकॉर्ड में छेड़छाड़ होने की बात स्पष्ट की। हालांकि, इस बातचीत और कथित बयान की स्वतंत्र पुष्टि तथा आधिकारिक अभिलेखों से इसकी पुष्टि किया जाना आवश्यक है।
यदि रिकॉर्ड में छेड़छाड़ की बात सही है, तो सवाल सीधे जिम्मेदार राजस्व अमले की जवाबदेही पर उठता है। आखिर रिकॉर्ड में कथित गड़बड़ी की जानकारी होने के बाद भी शिकायत दर्ज कराने या उच्च अधिकारियों को सूचित करने की कार्रवाई क्यों नहीं हुई? क्या किसी स्तर पर लापरवाही हुई है, या फिर मामले के पीछे कोई अन्य वजह है? इन सवालों का जवाब जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
रसूखदारों की भूमिका की भी हो निष्पक्ष जांच….
इस मामले में जमीन की खरीद-बिक्री, रजिस्ट्री और राजस्व रिकॉर्ड में संभावित बदलाव से जुड़े सभी पहलुओं की जांच जरूरी है। यह भी पता लगाया जाना चाहिए कि जमीन के पुराने एवं वर्तमान अभिलेखों में क्या अंतर है, रिकॉर्ड में बदलाव कब और किस प्रक्रिया के तहत किया गया तथा रजिस्ट्री के लिए कौन-कौन से दस्तावेज प्रस्तुत किए गए।
यदि किसी अधिकारी, कर्मचारी, बिचौलिए या अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जानी चाहिए। बिना जांच किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा, लेकिन गंभीर आरोपों को नजरअंदाज करना भी प्रशासन की जवाबदेही पर सवाल खड़े करेगा।
जिम्मेदार राजस्व अधिकारियों का पक्ष लेने का प्रयास, जवाब का इंतजार….
मामले की वास्तविक स्थिति जानने के लिए जिले के जिम्मेदार राजस्व विभाग के अधिकारियों से संपर्क कर उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया, लेकिन बातचीत नहीं हो पाने के कारण उनका आधिकारिक पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होते ही खबर को अपडेट किया जाएगा।
अब प्रशासन से सीधे सवाल….
– यदि राजस्व रिकॉर्ड में छेड़छाड़ हुई है, तो अब तक इसकी आधिकारिक शिकायत क्यों नहीं की गई?
– संबंधित जमीन के आधे से अधिक हिस्से की रजिस्ट्री किन दस्तावेजों के आधार पर हुई?
– छोटे-छोटे प्लॉटों की लगातार हो रही रजिस्ट्री में नियमों का पालन किया जा रहा है या नहीं?
– राजस्व रिकॉर्ड में कथित बदलाव किसने, कब और किस आधार पर किया?
– संबंधित पटवारी और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों की भूमिका की जांच कब होगी?
– जिला प्रशासन इस मामले में कब तक निष्पक्ष जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करेगा?
अब निगाहें जिला प्रशासन और राजस्व विभाग पर हैं। ग्राम सिरसी की संबंधित जमीन के पुराने अभिलेखों, वर्तमान रिकॉर्ड, नामांतरण और रजिस्ट्री दस्तावेजों की निष्पक्ष जांच ही इस पूरे मामले की सच्चाई सामने ला सकती है। यदि अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि जमीन के रिकॉर्ड की विश्वसनीयता बनी रहे और संभावित रूप से प्रभावित खरीदारों के हितों की भी रक्षा हो सके।
CGN 24 न्यूज़ की नजर इस मामले पर बनी हुई है। आधिकारिक पक्ष और सत्यापित दस्तावेज सामने आने पर खबर को आगे अपडेट किया जाएगा।


