सूरजपुर, संवाददाता
छत्तीसगढ़ के सरगुजा संभाग में इन दिनों पड़ रही भीषण गर्मी के बीच बिजली व्यवस्था को लेकर लोगों में भारी नाराजगी देखने को मिल रही है। अम्बिकापुर से लेकर सूरजपुर जिले तक कई क्षेत्रों में लगातार हो रही अघोषित बिजली कटौती ने आम जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। ग्रामीण क्षेत्रों में हालात ऐसे हैं कि लोग दिन और रात दोनों समय बिजली की आंख-मिचौली से परेशान हैं।
सूरजपुर जिला मुख्यालय के समीप स्थित सरस्वतीपुर, रामनगर, रामपुर, रूनियाडीह, सोहागपुर, करंजी, खरसुरा सहित कई गांवों के ग्रामीणों का आरोप है कि पिछले तीन दिनों से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति अनियमित बनी हुई है। कई स्थानों पर दिनभर बिजली बंद रहने के बाद देर रात आपूर्ति बहाल हो रही है। गर्मी के इस मौसम में बिजली नहीं रहने से पेयजल संकट, बच्चों की पढ़ाई और घरेलू कार्य भी प्रभावित हो रहे हैं।
ग्रामीणों का कहना है कि जब भी बिजली विभाग के कंट्रोल रूम या जिम्मेदार अधिकारियों से संपर्क किया जाता है, तब उन्हें केवल “फॉल्ट खोजा जा रहा है” कहकर आश्वस्त किया जाता है। लोगों का सवाल है कि यदि वास्तव में तकनीकी खराबी है तो विभाग तीन दिनों बाद भी उसे दूर करने में सफल क्यों नहीं हो पाया है।
भीषण गर्मी में बढ़ी लोगों की परेशानी।
क्षेत्र में तापमान लगातार ऊंचाई पर बना हुआ है। ऐसे में बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किलें और बढ़ा दी हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में अधिकांश परिवार पंखे और मोटर पंप पर निर्भर हैं। बिजली नहीं रहने से जहां लोगों को गर्मी झेलनी पड़ रही है, वहीं पेयजल आपूर्ति भी प्रभावित हो रही है।
स्थानीय नागरिकों का कहना है कि हल्की बारिश या तेज हवा चलने के बाद अक्सर बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है और उसे बहाल करने में घंटों का समय लग जाता है। इससे विभाग की तैयारियों और रखरखाव व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।

ऊर्जा विभाग मुख्यमंत्री के पास, फिर भी व्यवस्था पर सवाल
प्रदेश में ऊर्जा विभाग का प्रभार मुख्यमंत्री Vishnu Deo Sai के पास है। ऐसे में बिजली व्यवस्था को लेकर उठ रहे सवाल राजनीतिक गलियारों में भी चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। एक ओर प्रदेश सरकार सुशासन और जनसमस्याओं के त्वरित समाधान का दावा कर रही है, वहीं दूसरी ओर ग्रामीण क्षेत्रों में लगातार बिजली संकट लोगों की नाराजगी का कारण बन रहा है।

स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि समय रहते बिजली व्यवस्था में सुधार नहीं किया गया तो जनाक्रोश और बढ़ सकता है। लोगों ने मांग की है कि बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचकर वास्तविक स्थिति का आकलन करें तथा स्थायी समाधान सुनिश्चित करें।
जनप्रतिनिधियों और प्रशासन से हस्तक्षेप की मांग
ग्रामीणों ने जिला प्रशासन, जनप्रतिनिधियों और बिजली विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों से तत्काल हस्तक्षेप कर निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। उनका कहना है कि भीषण गर्मी के दौरान लगातार बिजली कटौती आम लोगों के लिए बड़ी समस्या बन चुकी है।
क्षेत्रवासियों का कहना है कि सुशासन के दावों को धरातल पर साबित करने के लिए आवश्यक है कि बिजली जैसी मूलभूत सुविधा को प्राथमिकता देते हुए तत्काल सुधारात्मक कदम उठाए जाएं, ताकि लोगों को राहत मिल सके और व्यवस्था के प्रति उनका विश्वास बना रहे।


