विवेक सोनी/प्रतापपुर:– सूरजपुर जिले के विकासखंड प्रतापपुर अंतर्गत ग्राम पंचायत केवरा-भैंसामुंडा स्थित अंबिकापुर–बनारस मुख्य मार्ग पर बने महानदी पुल की जर्जर स्थिति ने लोगों की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बारिश के बीच पुल पर बने बड़े-बड़े गड्ढे अब राहगीरों के लिए जानलेवा साबित हो रहे हैं। गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दोपहिया, चारपहिया, यात्री बसों और भारी वाहनों के दुर्घटनाग्रस्त होने का खतरा लगातार बना हुआ है।
ग्रामीणों का आरोप है कि करीब चार से पांच माह पूर्व लोक निर्माण विभाग (PWD) द्वारा पुल की मरम्मत कराई गई थी, लेकिन कार्य गुणवत्तापूर्ण नहीं होने के कारण कुछ ही महीनों में सड़क दोबारा उखड़ गई। बरसात शुरू होते ही पुल पर जगह-जगह गहरे गड्ढे बन गए हैं, जिससे विभाग की मरम्मत की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।

यह मार्ग अंबिकापुर, प्रतापपुर और बनारस की ओर जाने वाला प्रमुख संपर्क मार्ग है, जहां प्रतिदिन हजारों लोग आवागमन करते हैं। इसी रास्ते से यात्री बसें, एम्बुलेंस, स्कूली वाहन, मालवाहक ट्रक और ग्रामीणों का लगातार आना-जाना रहता है। इसके बावजूद पुल की खराब स्थिति को लेकर अब तक स्थायी समाधान नहीं किया गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि आए दिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार अधिकारी केवल औपचारिकता निभा रहे हैं।
ग्रामीणों, व्यापारियों और जनप्रतिनिधियों ने लोक निर्माण विभाग से पुल की तत्काल स्थायी एवं गुणवत्तापूर्ण मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय रहते पुल की मरम्मत नहीं कराई गई और किसी प्रकार की जनहानि होती है, तो इसकी पूरी जिम्मेदारी विभाग और संबंधित अधिकारियों की होगी।
क्षेत्रवासियों ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र मरम्मत कार्य शुरू नहीं कराया गया तो वे चक्काजाम और उग्र आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे। उनका कहना है कि प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार करने के बजाय समय रहते कार्रवाई करे, ताकि लोगों की जान बचाई जा सके।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है क्या लोक निर्माण विभाग किसी बड़े हादसे के बाद जागेगा, या फिर समय रहते भैंसामुंडा महानदी पुल को सुरक्षित बनाया जाएगा?


