सूरजपुर:– जिले के ग्राम पंचायत पौड़ी में महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) के तहत लगभग 5 लाख रुपये की लागत से जल संरक्षण एवं पानी रोकने के उद्देश्य से निर्माण कार्य कराया गया था इसी कार्य के दौरान सीजीएन 24 न्यूज़ की पड़ताल में सफेद पत्थर की कथित अवैध निकासी का मामला सामने आया है।
मौके पर देखा गया कि कुछ ट्रैक्टर बिना नंबर प्लेट के लगातार सफेद पत्थर का परिवहन करते नजर आए। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, संबंधित कार्य के लिए वैध खनन अनुमति अथवा ग्राम पंचायत की स्वीकृति होने के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आई है। यदि बिना वैधानिक अनुमति के पत्थर का उत्खनन एवं परिवहन किया जा रहा है, तो यह जांच का विषय है।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि अधिक मुनाफे के लालच में जल संरक्षण के लिए बनाए जा रहे कार्यस्थल से पत्थरों की निकासी की जा रही है। यदि ऐसा पाया जाता है, तो इससे मनरेगा के तहत निर्मित संरचना की गुणवत्ता और सरकार की जल संरक्षण योजना के उद्देश्य पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है।

सवाल यह भी उठता है कि बिना नंबर प्लेट के ट्रैक्टर खुलेआम सड़कों पर कैसे संचालित हो रहे हैं और संबंधित विभागों की निगरानी व्यवस्था कितनी प्रभावी है।
अब देखना होगा कि जिला प्रशासन, खनिज विभाग और संबंधित अधिकारी पूरे मामले का संज्ञान लेकर इसकी जांच कराते हैं या नहीं। यदि जांच में अनियमितता सामने आती है, तो जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई की जा सकती है।


