सरगुजा: 21 जून को एक कथित ऑडियो वायरल हुआ, जिसमें कला केंद्र में मेला लगाने के नाम पर रिश्वत की बातचीत होने का दावा किया गया। ऑडियो सामने आने के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में इसकी चर्चा तेज हो गई।
इसी मामले को लेकर महापौर मंजूषा भगत ने आज आजाक थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने भावुक होते हुए कहा कि यह ऑडियो षड्यंत्रपूर्वक वायरल किया गया है तथा उनकी ओर से ऐसी कोई बातचीत नहीं की गई। उनका आरोप है कि उनकी छवि धूमिल करने के उद्देश्य से यह साजिश रची गई है।
गौरतलब है कि हाल ही में एआई तकनीक के दुरुपयोग से जुड़े कई मामले सामने आए हैं। 17 जून को दिल्ली में एक ऐसे गिरोह का खुलासा हुआ था, जिस पर एआई की मदद से लोगों की आवाज की नकल कर करोड़ों रुपये की ठगी करने का आरोप लगा। इस मामले में पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था। जांच में सामने आया कि ठगी की रकम विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कराई गई थी।
इसी बीच अंबिकापुर में वायरल हुए कथित ऑडियो को लेकर भाजपा से जुड़े कुछ लोगों का मानना है कि यह एआई तकनीक के जरिए तैयार की गई नकली आवाज हो सकती है। उनका दावा है कि महापौर मंजूषा भगत और जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया को बदनाम करने के उद्देश्य से यह ऑडियो प्रसारित किया गया है।
हालांकि, ऑडियो की वास्तविकता और उसकी प्रामाणिकता को लेकर अभी तक किसी सक्षम जांच एजेंसी की आधिकारिक रिपोर्ट सामने नहीं आई है। ऐसे में यह स्पष्ट रूप से कहना संभव नहीं है कि वायरल ऑडियो वास्तविक है या एआई तकनीक से तैयार किया गया है। मामले की सच्चाई जांच के बाद ही सामने आएगी।
क्या जिलाध्यक्ष भारत सिंह सिसोदिया और महापौर मंजूषा भगत का कथित वायरल ऑडियो AI से बना हुआ है?
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