देश की अस्मिता से खिलवाड़? होली क्रॉस संस्था फिर सवालों के घेरे में
अम्बिकापुर CGN 24 न्यूज़:–होली क्रॉस संस्था से जुड़े संस्थानों में देश के राष्ट्रीय देश की अस्मिता से खिलवाड़? होली क्रॉस संस्था फिर सवालों के घेरे में प्रतीकों के कथित अपमान को लेकर एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। वर्ष 2025 में भारत के नक्शे से जम्मू-कश्मीर को हटाकर प्रदर्शित करने का मामला सामने आया था

और अब स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर होली क्रॉस अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक अस्पताल कर्मी द्वारा कथित तौर पर तिरंगे के साथ झाड़ू लगाते हुए उसे अनुचित तरीके से इस्तेमाल करते देखा जा रहा है। वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि अभी अपेक्षित है, लेकिन इसे लेकर शहर में तीखी जनचर्चा शुरू हो गई है।
2025 में दर्ज हुई थी FIR


इससे पहले वर्ष 2025 में शिकायतकर्ता कैलाश मिश्रा ने गांधीनगर थाना, अम्बिकापुर में शिकायत दर्ज कराई थी कि होली क्रॉस विमेंस कॉलेज, अम्बिकापुर के आधिकारिक फेसबुक पेज पर भारत का ऐसा नक्शा प्रदर्शित किया गया, जिसमें जम्मू-कश्मीर को भारत के नक्शे से अलग/हटाकर दिखाया गया था। शिकायत में कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सिस्टर सांता जोसेफ एवं संबंधित फेसबुक पेज के संचालन को लेकर आरोप लगाए गए थे।
शांता जोसफ (प्राचार्य होली क्रॉस कॉलेज अंबिकापुर)

मामले में गांधीनगर पुलिस ने अपराध क्रमांक 541/2025 दर्ज करते हुए धारा 505(1)(बी), भारतीय दंड संहिता के तहत प्रकरण पंजीबद्ध किया था। उस समय भी मांग उठी थी कि मामले की गंभीरता को देखते हुए अन्य समुचित धाराएं जोड़ी जाएं और जिम्मेदार लोगों के विरुद्ध ठोस कार्रवाई हो। अब सवाल यह उठ रहा है कि उस FIR की जांच आखिर कहां तक पहुंची, क्या किसी की गिरफ्तारी हुई और क्या प्रकरण में आगे कोई अन्य गंभीर धारा जोड़ी गई?
अब तिरंगे के कथित अपमान का वीडियो

अब 14 अगस्त को सामने आए वायरल वीडियो ने पुराने मामले को एक बार फिर चर्चा के केंद्र में ला दिया है। वीडियो में होली क्रॉस अस्पताल से जुड़ी बताई जा रही एक महिला कर्मी कथित तौर पर राष्ट्रीय ध्वज के साथ झाड़ू लगाते दिखाई दे रही है। यदि वीडियो और उससे जुड़े दावों की पुष्टि होती है, तो यह मामला गंभीर जांच की मांग करता है हालांकि सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद महिला सफाई कर्मी का वीडियो माफी मांगते हुए नजर आए
एक घटना को भूल या चूक कहा जा सकता है, लेकिन 2025 में राष्ट्रीय मानचित्र से जुड़ा विवाद और 2026 में राष्ट्रीय ध्वज से जुड़ा यह नया आरोप सामने आने के बाद अब सवाल संस्था की कार्यप्रणाली और राष्ट्रीय प्रतीकों के प्रति संवेदनशीलता पर भी उठने लगे हैं।
जनचर्चा में सबसे बड़ा सवाल यही है—क्या पुलिस नए वायरल वीडियो का स्वतः संज्ञान लेकर जांच करेगी? और वर्ष 2025 के अपराध क्रमांक 541/2025 में अब तक हुई कार्रवाई को भी सार्वजनिक करेगी?
राष्ट्रीय ध्वज, भारत के मानचित्र और देश के अन्य राष्ट्रीय प्रतीकों की गरिमा से किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार्य नहीं हो सकता। ऐसे मामलों में आरोपों की निष्पक्ष जांच और कानून के अनुरूप समुचित धाराओं में कार्रवाई आवश्यक है, ताकि तथ्यों की वास्तविकता सामने आए और दोषी पाए जाने वालों पर ठोस कार्रवाई हो।
अब देखना यह है कि पुलिस इस नए मामले में क्या कदम उठाती है और पुराने प्रकरण की जांच को किस अंजाम तक पहुंचाती है—या फिर व्यवस्था किसी तीसरी घटना और एक नई पुनरावृत्ति का इंतजार करेगी?


