12वीं का छात्र था मृतक सुजल बरेठ, घटनास्थल से पांच किलोमीटर दूर मिली स्कूटी; फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड जांच में जुटे
विश्रामपुर/सूरजपुर:– छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में मां-बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत से पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है। महावीरपुर ग्राम पंचायत अंतर्गत कालीघाट के पास सड़क किनारे 12वीं कक्षा के छात्र का शव मिलने के बाद जब पुलिस उसकी पहचान करते हुए घर पहुंची, तो वहां उसकी मां भी मृत अवस्था में मिलीं। एक ही परिवार के दो सदस्यों की मौत से क्षेत्र में शोक और चिंता का माहौल है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस विभिन्न पहलुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड की मदद से साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं।
कालीघाट के पास मिला 12वीं के छात्र का शव…..
जानकारी के अनुसार, मृतक की पहचान विश्रामपुर के केशवनगर स्थित ममता कॉलोनी निवासी सुजल बरेठ के रूप में हुई है। वह विश्रामपुर स्थित कॉर्मेल कॉन्वेंट इंग्लिश मीडियम स्कूल में कक्षा 12वीं का छात्र था। उसका शव महावीरपुर क्षेत्र के कालीघाट के पास सड़क से लगभग 25 मीटर दूर मिला था।
घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर उसकी स्कूटी भी बरामद हुई। शव मिलने की सूचना पर जयनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। इसके बाद पुलिस ने मृतक की पहचान कर उसके परिजनों से संपर्क करने और घटना से जुड़ी जानकारी जुटाने का प्रयास किया।

घर पहुंची पुलिस तो सामने आया दूसरा मामला….
छात्र की पहचान होने के बाद जयनगर पुलिस रात करीब 11 बजे ममता कॉलोनी स्थित उसके घर पहुंची। बताया जाता है कि घर का दरवाजा अंदर से बंद था। काफी प्रयास के बाद भी दरवाजा नहीं खुलने पर उसे खोलने का निर्णय लिया गया।
दरवाजा खुलने पर घर के भीतर एक महिला मृत अवस्था में मिलीं। उनकी पहचान छात्र की मां रजनी बरेठ के रूप में हुई। इस तरह बेटे का शव सड़क किनारे मिलने के बाद मां की मौत की जानकारी सामने आई, जिससे मामला और गंभीर हो गया।
एक ही परिवार में मां और बेटे की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत की खबर फैलते ही क्षेत्र में सनसनी फैल गई। दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और क्या दोनों घटनाओं के बीच कोई संबंध है, यह अब जांच का प्रमुख विषय है।
शासकीय शिक्षिका थीं रजनी बरेठ….
जानकारी के अनुसार, रजनी बरेठ ग्राम बेलटिकरी में शासकीय शिक्षिका के पद पर पदस्थ थीं। वह तलाकशुदा थीं और अपने इकलौते बेटे सुजल के साथ रहती थीं।
मां-बेटे की मौत की खबर से परिजनों और परिचितों में शोक का माहौल है। क्षेत्र के लोगों के बीच भी घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं। हालांकि, मौत के कारणों को लेकर अभी किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी।

दोनों शवों पर चोट के निशान, हत्या की आशंका…..
मिली जानकारी के अनुसार, दोनों शवों पर चोट के निशान पाए जाने की बात सामने आई है। इसके बाद मामले में हत्या की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि, चोटों की प्रकृति और मौत के वास्तविक कारणों की आधिकारिक पुष्टि पोस्टमार्टम रिपोर्ट तथा पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।
पुलिस इस बात की पड़ताल कर रही है कि छात्र की मौत किन परिस्थितियों में हुई, उसकी स्कूटी घटनास्थल से दूर कैसे मिली और घर के भीतर उसकी मां की मौत का कारण क्या है। इन सभी बिंदुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है।
फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वॉड से जुटाए जा रहे साक्ष्य…..
मामले की गंभीरता को देखते हुए घटनास्थल पर फोरेंसिक टीम पहुंची और डॉग स्क्वॉड की मदद से भी जांच की गई। पुलिस घटनास्थल से जुड़े साक्ष्यों और अन्य परिस्थितियों का परीक्षण कर रही है, ताकि घटनाक्रम की कड़ियों को जोड़ा जा सके।
जांच के दौरान महिला के पास से मोबाइल फोन मिलने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस ने मोबाइल को कब्जे में लेकर उसकी जांच शुरू की है। इसके अलावा मृतिका के पूर्व पति से पूछताछ किए जाने की जानकारी भी मिली है। हालांकि, किसी व्यक्ति से पूछताछ किया जाना उसकी संलिप्तता का प्रमाण नहीं है।
दोनों शवों का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजे जाने की जानकारी है। अब पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों से मौतों की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है।
कई सवाल अनसुलझे, पुलिस जांच पर टिकी निगाहें….
इस पूरे घटनाक्रम ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। आखिर सुजल बरेठ की मौत कैसे हुई? उसकी स्कूटी घटनास्थल से करीब पांच किलोमीटर दूर क्यों मिली? घर के भीतर उसकी मां की मौत किन परिस्थितियों में हुई? क्या दोनों मौतों के बीच कोई संबंध है?
फिलहाल इन सवालों के जवाब सामने नहीं आए हैं। सूरजपुर पुलिस मामले के सभी संभावित पहलुओं की जांच में जुटी है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फोरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
मां-बेटे की संदिग्ध मौत के इस मामले में अब पुलिस जांच के निष्कर्षों का इंतजार है। जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि दोनों की मौत किन परिस्थितियों में हुई और इस घटनाक्रम के पीछे वास्तविक कारण क्या था।


