कृषक परिवार के बेटे ने पहले प्रयास में हासिल की सफलता, सिम्स बिलासपुर में मिला प्रवेश
भैयाथान, 9 सितंबर 2026।
विकासखंड भैयाथान के ग्राम पंचायत सत्यनगर, पोस्ट सिरसी निवासी रमन पैकरा ने असफलता को अपनी कमजोरी नहीं, बल्कि सफलता की सीढ़ी बना लिया। 12वीं कक्षा में असफल होने के बाद भी उन्होंने हार नहीं मानी और निरंतर मेहनत करते हुए NEET-2026 में 415 अंक हासिल कर प्रथम प्रयास में सफलता प्राप्त की। रमन का चयन सिम्स (छत्तीसगढ़ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज), बिलासपुर में MBBS की पढ़ाई के लिए हुआ है।
रमन पैकरा कृषक परिवार से ताल्लुक रखते हैं। उनके पिता राजेंद्र प्रसाद कृषक हैं, जबकि माता अनिता गृहिणी हैं। परिवार की आर्थिक एवं शैक्षणिक परिस्थितियां सीमित होने के बावजूद रमन ने अपने डॉक्टर बनने के सपने को नहीं छोड़ा। उनके पिता ने औपचारिक शिक्षा प्राप्त नहीं की, जबकि माता की पढ़ाई कक्षा दूसरी तक हुई है। ऐसे पारिवारिक परिवेश से निकलकर मेडिकल प्रवेश परीक्षा में सफलता हासिल करना क्षेत्र के विद्यार्थियों के लिए प्रेरणादायी है।
असफलता को बनाया सफलता की सीढ़ी

12वीं में असफल होने के बाद रमन ने दोबारा पूरी मेहनत के साथ पढ़ाई शुरू की। उन्होंने अपनी कमियों को पहचाना और लक्ष्य निर्धारित कर तैयारी जारी रखी। निरंतर अध्ययन और दृढ़ इच्छाशक्ति के परिणामस्वरूप उन्होंने अपने पहले ही प्रयास में NEET-2026 में 415 अंक प्राप्त किए और अब डॉक्टर बनने की दिशा में कदम बढ़ाया है।
बीपीएस पोया ने घर पहुंचकर दी बधाई
रमन की सफलता की जानकारी मिलने पर सोशल एक्टिविस्ट एवं जिला अध्यक्ष, सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग, सूरजपुर बीपीएस पोया सामाजिक पदाधिकारियों एवं कार्यकर्ताओं के साथ उनके गृह निवास पहुंचे। उन्होंने रमन को माला पहनाकर एवं मिठाई खिलाकर बधाई दी तथा MBBS की पढ़ाई के लिए शुभकामनाएं दीं।
इस अवसर पर बीपीएस पोया ने कहा कि रमन की सफलता उनके परिवार के साथ-साथ पूरे समाज और सूरजपुर जिले के लिए गौरव की बात है। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और आदिवासी अंचल के बच्चों में प्रतिभा की कमी नहीं है, जरूरत केवल उचित मार्गदर्शन, अवसर और निरंतर प्रोत्साहन की है।
उन्होंने रमन की सफलता का श्रेय उनके माता-पिता को देते हुए कहा कि सीमित संसाधनों के बावजूद उन्होंने अपने बेटे की शिक्षा को प्राथमिकता दी। बीपीएस पोया ने रमन से भविष्य में स्वयं आगे बढ़ने के साथ समाज के अन्य विद्यार्थियों को भी शिक्षा के लिए प्रेरित एवं मार्गदर्शन करने का आग्रह किया।
डॉक्टर बनकर समाज की सेवा करना चाहते हैं रमन
रमन पैकरा ने बताया कि आर्थिक कठिनाइयों के बावजूद उन्होंने डॉक्टर बनने का सपना देखा और उसे पूरा करने के लिए लगातार मेहनत की। उन्होंने कहा कि MBBS की पढ़ाई पूरी कर डॉक्टर बनने के बाद वे समाज और ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की शिक्षा के लिए भी योगदान देना चाहते हैं। रमन ने अपनी भविष्य की कमाई का 5 प्रतिशत हिस्सा समाज की शिक्षा के लिए सहयोग करने की इच्छा भी व्यक्त की।
बीपीएस पोया ने रमन को MBBS के साथ उच्च शिक्षा जारी रखने की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि पढ़ाई के दौरान किसी भी प्रकार की आवश्यकता होने पर उनकी टीम विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और हरसंभव सहयोग के लिए तत्पर रहेगी।
रमन की सफलता और जिले के NEET-2026 में चयनित विद्यार्थियों को उनके घर पहुंचकर प्रोत्साहित करने के बीपीएस पोया के प्रयास की उपस्थित लोगों ने सराहना की।
इस दौरान गोलू पैकरा, ब्लॉक उपाध्यक्ष सर्व आदिवासी समाज युवा प्रभाग भैयाथान, राजा लाल पैकरा, सरपंच ग्राम पंचायत सत्यनगर, इंद्रपाल पैकरा, अनिमेष पैकरा, निर्मल पैकरा, विजय लाल, राजेंद्र प्रसाद, राधिका पैकरा, गीता सहित सामाजिक पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।


