बिश्रामपुर, सूरजपुर बिश्रामपुर में प्रशासनिक अधिकारी पर प्लेसमेंट मजदूर के साथ मारपीट करने के गंभीर आरोप सामने आए हैं। मजदूरों का आरोप है कि लाइफलाइन एक्सप्रेस कैंप के पास रास्ता समतलीकरण के कार्य के दौरान काम में कमी को लेकर सूरजपुर के अपर कलेक्टर जगरनाथ वर्मा नाराज हो गए और मजदूर आकाश सिन्हा के साथ कथित रूप से थप्पड़, लात और छाते से मारपीट की। विरोध करने पर मोबाइल फोन तोड़ने का भी आरोप लगाया गया है।
जानकारी के अनुसार, इंपैक्ट इंडिया द्वारा संचालित लाइफलाइन एक्सप्रेस कैंप के पास एंबुलेंस के आवागमन को सुचारू बनाने के लिए रास्ता समतलीकरण का कार्य चल रहा था। इसी कार्य में पंचायत स्तर पर प्लेसमेंट के माध्यम से मजदूर आकाश सिन्हा और उसके साथी काम कर रहे थे। इसी दौरान विवाद की स्थिति निर्मित होने की बात सामने आई है।
मजदूरों ने थाने पहुंचकर की शिकायत

घटना के बाद पीड़ित मजदूर आकाश सिन्हा अपने साथियों के साथ बिश्रामपुर थाने पहुंचा और लिखित आवेदन सौंपकर मामले की शिकायत की। मजदूरों ने पूरे घटनाक्रम की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के बाद मामला क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है।
अधिकारी ने आरोपों को बताया निराधार
वहीं, अपर कलेक्टर जगरनाथ वर्मा ने अपने ऊपर लगाए गए मारपीट के आरोपों से साफ इनकार किया है। उनका कहना है कि सड़कों की स्थिति को लेकर उनके द्वारा आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे, लेकिन उनके द्वारा किसी भी व्यक्ति के साथ किसी प्रकार की मारपीट नहीं की गई।
जांच के बाद ही स्पष्ट होगी सच्चाई
मामले में मजदूरों द्वारा लगाए गए आरोप और अधिकारी द्वारा किया गया खंडन सामने आने के बाद अब निष्पक्ष जांच महत्वपूर्ण हो गई है। शिकायत में लगाए गए आरोपों की पुलिस जांच के बाद ही घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल क्षेत्र के मजदूरों और स्थानीय लोगों की नजर पुलिस की कार्रवाई पर टिकी हुई है।


