जयनगर सहकारी समिति में बड़ी कार्रवाई, समिति प्रभारी श्यामलाल प्रजापति निलंबित; जांच पूरी होने के बाद एफआईआर की तैयारी
सूरजपुर, 31 जुलाई। खरीफ सीजन के बीच किसानों को खाद के लिए भटकना पड़ा, वहीं जयनगर सहकारी समिति में लाखों रुपये मूल्य के उर्वरक की कमी सामने आने से सहकारी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। किसानों की शिकायत पर कलेक्टर रेना जमील के निर्देशानुसार उप पंजीयक सहकारी संस्थाएं अनिल कुमार बनज के नेतृत्व में गठित संयुक्त जांच दल ने समिति में जांच की, जिसमें प्रारंभिक जांच में करीब 20 लाख रुपये मूल्य का उर्वरक कम पाया गया।
प्रारंभिक जांच के आधार पर समिति प्रभारी श्यामलाल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद दोष सिद्ध होने पर एफआईआर सहित कठोर प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी।

रिकॉर्ड और स्टॉक की हो रही सूक्ष्म जांच
संयुक्त जांच दल समिति के स्टॉक रजिस्टर, वितरण पंजी, खाद-बीज के अभिलेख और गोदाम में उपलब्ध सामग्री का मिलान कर रहा है। जांच केवल वर्तमान खरीफ सत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि पिछले दो वर्षों के लेन-देन और वितरण रिकॉर्ड की भी बारीकी से जांच की जा रही है।
उप पंजीयक अनिल कुमार बनज ने बताया कि जांच अभी जारी है। अंतिम प्रतिवेदन के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पहले भी विवादों में रह चुका है मामला
जांच के दौरान यह तथ्य भी सामने आया कि समिति प्रभारी श्यामलाल प्रजापति का नाम पहले भी करीब 85 लाख रुपये के धान अनियमितता प्रकरण में सामने आ चुका है, जिसमें उनके विरुद्ध निलंबन की कार्रवाई हुई थी। अब नए मामले के सामने आने के बाद पुराने प्रकरण की भी समीक्षा की जा रही है।

किसानों में आक्रोश
किसानों का कहना है कि खरीफ सीजन में उन्हें एक-एक बोरी खाद के लिए भटकना पड़ा, जबकि समिति में लाखों रुपये के उर्वरक की कमी सामने आ गई। किसानों ने मांग की है कि इस मामले में केवल निलंबन तक कार्रवाई सीमित न रहे, बल्कि दोषियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए।
प्रशासन की सख्ती पर टिकी निगाहें
जिलेभर की निगाहें अब अंतिम जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। यदि जांच में अनियमितताएं प्रमाणित होती हैं, तो दोषियों के विरुद्ध एफआईआर और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। माना जा रहा है कि यह कार्रवाई जिले की अन्य सहकारी समितियों के लिए भी जवाबदेही और पारदर्शिता का महत्वपूर्ण संदेश साबित हो सकती है।


