मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े व विधायक रामकुमार टोप्पो पर आपत्तिजनक टिप्पणी का मामला, सीतापुर थाने में FIR
सीतापुर/सरगुजा
सोशल मीडिया पर महिला एवं बाल विकास मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े तथा सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो के खिलाफ आपत्तिजनक टिप्पणी करने के मामले में पुलिस ने सोशल मीडिया इन्फ्लूएंसर आकांक्षा टोप्पो को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी की औपचारिकता पूरी करने के बाद पुलिस ने उसे मुचलके पर रिहा कर दिया।
पुलिस के अनुसार, आकांक्षा टोप्पो के खिलाफ सीतापुर थाने में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 353(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया है। इस धारा के तहत तीन वर्ष तक की सजा, जुर्माना अथवा दोनों का प्रावधान है। इसी प्रावधान के चलते उसे मुचलके पर छोड़ा गया।

वायरल वीडियो से भड़का मामला।
जानकारी के मुताबिक, आकांक्षा टोप्पो ने 23 दिसंबर 2025 को एक वीडियो सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। वीडियो में उसने शासकीय भूमि से कब्जा हटाकर आंगनबाड़ी भवन निर्माण को लेकर मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े एवं विधायक रामकुमार टोप्पो पर अभद्र, अशोभनीय और मर्यादाहीन टिप्पणी की थी। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो गया, जिसके बाद राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में हलचल मच गई।
भाजपा महिला मोर्चा ने की थी शिकायत
मामले में शिकायत भाजपा की जिला मंत्री एवं सीतापुर महिला मोर्चा अध्यक्ष द्वारा सीतापुर थाने में दर्ज कराई गई थी। शिकायत में कहा गया कि आकांक्षा टोप्पो ने जनप्रतिनिधियों की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्दों का प्रयोग किया है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने 24 दिसंबर को FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
शासकीय भूमि व आंगनबाड़ी निर्माण से जुड़ा विवाद
मामला सीतापुर क्षेत्र के बटईकेला का है, जहां खसरा नंबर 1784 की शासकीय भूमि पर आंगनबाड़ी भवन का निर्माण शुरू किया गया है। आरोप है कि उक्त भूमि पर एक परिवार वर्षों से काबिज है। काबिज परिवार ने दावा किया है कि उनके पास इसके अलावा कोई अन्य आश्रय नहीं है। परिवार में चार दिव्यांग सदस्य भी शामिल हैं।
परिवार ने इस मामले को लेकर इच्छामृत्यु की अनुमति के लिए आवेदन देने के साथ ही सरगुजा कलेक्टर को भी ज्ञापन सौंपा है।
पहले भी दर्ज हो चुकी हैं FIR आकांक्षा टोप्पो इससे पहले भी विवादों में रही है। अंबिकापुर की सड़कों को लेकर गाली-गलौच वाला वीडियो वायरल होने के बाद उसके खिलाफ कमलेश्वरपुर थाने में भी FIR दर्ज हो चुकी है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह पूर्व में भी जनप्रतिनिधियों और अन्य वर्गों के खिलाफ अमर्यादित टिप्पणियों वाले वीडियो पोस्ट कर चुकी है।
पुलिस का कहना
पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच जारी है और सोशल मीडिया पर कानून व्यवस्था भंग करने अथवा जनप्रतिनिधियों की छवि धूमिल करने वाले कृत्यों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।


