बिश्रामपुर:–नौकरी लगवाने का झांसा देकर एक युवक से 8 लाख 9 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर बिश्रामपुर पुलिस ने सीआरपीएफ जवान और उसके साथी के खिलाफ धोखाधड़ी का अपराध दर्ज किया है।
सूरजपुर जिले के बिश्रामपुर निवासी हमीद अहमद कुरैशी ने रिपोर्ट में बताया कि उनकी पहचान क्रिकेट खेलने के दौरान रामेश्वर प्रसाद, निवासी बिश्रामपुर से हुई थी। रामेश्वर वर्तमान में सीआरपीएफ की 52वीं बटालियन, जम्मू सेक्टर में पदस्थ है। वर्ष 2021 में छुट्टी पर घर आए रामेश्वर ने हमीद को कहा कि वह अपने परिचितों के जरिए उसे सरकारी नौकरी दिला सकता है।
रामेश्वर ने हमीद की मुलाकात बलरामपुर जिले के राजपुर निवासी संतोष सिंह से कराई। संतोष ने बताया कि उसका फॉरेस्ट विभाग और अन्य सरकारी दफ्तरों में अच्छा संपर्क है और वह पहले भी कई लोगों को नौकरी लगवा चुका है। उसने कहा कि फॉरेस्ट विभाग में नौकरी दिलाने के लिए ₹5 लाख देने होंगे।
हमीद ने फोन पे और बैंक ट्रांसफर के जरिए संतोष सिंह के खाते में ₹3,95,000 और रामेश्वर प्रसाद को ₹44,000 दिए। कुल ₹4,39,000 देने के बावजूद नौकरी नहीं लगी।

जब हमीद ने पैसे वापस मांगे तो संतोष ने कहा कि अब वह उसे हॉस्टल अधीक्षक की नौकरी दिलवाएगा। इसी भरोसे में हमीद ने दोबारा परीक्षा दी, लेकिन परिणाम में नाम नहीं आया। इसके बावजूद संतोष ने कहा कि काउंसलिंग में नाम जुड़ जाएगा और इस बीच उसने नौकरी पक्की करने के नाम पर ₹3,20,000 और ₹50,000 नकद और ले लिए।
इस तरह कुल ₹8,09,000 की ठगी हो गई।
पीड़ित के बार-बार मांगने पर संतोष सिंह ने सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया के दो चेक दिए, लेकिन खाते में पैसे न होने की बात कहकर उन्हें जमा करने से रोकता रहा। अंततः जब रकम वापस नहीं मिली, तो पीड़ित ने थाने में शिकायत की।
पुलिस ने मामले में दोनों आरोपियों संतोष सिंह और रामेश्वर प्रसाद के खिलाफ धारा 420 व 34 आईपीसी के तहत अपराध दर्ज कर लिया है।


