फ्लोरेंस नाइटिंगेल को याद कर विद्यार्थियों ने प्रस्तुत की सेवा, समर्पण और मानवता की मिसाल
विश्रामपुर;– नर्सेस डे के अवसर पर वी.एम. कॉलेज ऑफ नर्सिंग विश्रामपुर में दो दिवसीय भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें नर्सिंग सेवा की संस्थापक Florence Nightingale को श्रद्धापूर्वक याद किया गया। कार्यक्रम में छात्र-छात्राओं ने प्राकृतिक आपदा के दौरान अपनाई जाने वाली चिकित्सा प्रणाली का जीवंत मंचन कर उपस्थित लोगों को प्रभावित किया।
कार्यक्रम के मुख्य अतिथि कॉलेज के डायरेक्टर Vijayraj Agrawal ने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि नर्सिंग केवल एक पेशा नहीं, बल्कि सेवा, त्याग, तपस्या और मानवता का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में नर्सिंग शिक्षा के लिए आधुनिक भवन, लैब और क्लीनिकल सुविधाएं उपलब्ध हैं, लेकिन फ्लोरेंस नाइटिंगेल के समय में संसाधनों के अभाव के बावजूद उन्होंने मानव सेवा की जो मिसाल कायम की, उसे आज भी पूरा विश्व सम्मान के साथ याद करता है।
दो दिवसीय कार्यक्रम के प्रथम दिवस में विद्यार्थियों के बीच क्विज प्रतियोगिता, उपकरण पहचानो प्रतियोगिता और दवा पहचान प्रतियोगिता आयोजित की गई। वहीं दूसरे दिन नर्सेस डे की थीम, नर्सिंग पेशे के महत्व तथा स्वास्थ्य सेवा में नर्सों की भूमिका पर विशेष परिचर्चा की गई।

इस दौरान विद्यार्थियों ने “सिमुलेशन ऑन डिजास्टर ट्रायेज सिस्टम” के माध्यम से प्राकृतिक आपदा के समय अपनाई जाने वाली चिकित्सा पद्धति का प्रभावशाली प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में संचार कौशल प्रतियोगिता का भी आयोजन किया गया। साथ ही फ्लोरेंस नाइटिंगेल को याद करते हुए केक काटकर नर्सेस डे मनाया गया।
कार्यक्रम के अंत में विजेता प्रतिभागियों को पुरस्कृत किया गया। कॉलेज के प्रभारी प्राचार्य Santosh Singh ने नर्सिंग स्टाफ से जुड़े नए नियमों की जानकारी विद्यार्थियों को दी तथा सभी को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं।
कार्यक्रम का संचालन प्राध्यापिका उमा टंडन एवं रिकी राजवाड़े ने किया, जबकि धन्यवाद ज्ञापन प्रभारी प्राचार्य संतोष सिंह द्वारा किया गया। कार्यक्रम को सफल बनाने में कॉलेज के समस्त स्टाफ का महत्वपूर्ण योगदान रहा।


