गोन्दा स्कूल के मध्यान भोजन की गुणवत्ता पर उठे सवाल।
सूरजपुर:–जिले के ग्राम पंचायत गोन्दा स्थित माध्यमिक शाला एवं पूर्व माध्यमिक शाला में संचालित मध्यान भोजन योजना की गुणवत्ता को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। सोमवार 8 दिसंबर 2025 को बड़ी संख्या में ग्रामीणों एवं बच्चों के परिजनों ने स्कूल पहुंचकर मध्यान भोजन की खराब गुणवत्ता को लेकर विरोध दर्ज कराया।
परिजनों का कहना है कि बच्चे घर से पूरी तरह स्वस्थ स्कूल जाते हैं, लेकिन स्कूल में मध्यान भोजन ग्रहण करने के बाद घर लौटते समय उन्हें पेट दर्द, उल्टी एवं दस्त जैसी समस्याएं होने लगती हैं। कई बच्चों की तबीयत बार-बार खराब होने के बाद परिजनों ने भोजन की सामग्री की मौके पर जांच की।

जांच के दौरान मध्यान भोजन में उपयोग किए जा रहे तेल की गुणवत्ता अत्यंत खराब पाई गई। ग्रामीणों के अनुसार तेल न तो सरसों का था और न ही रिफाइंड, बल्कि पाम ऑयल जैसा संदिग्ध था, जिसमें कीड़े-मकोड़े भी मिले हुए थे। इसी तरह चावल में कीड़े एवं कंकर, सोया बड़ी कीड़ा लगा हुआ, तथा सब्ज़ी में सड़ा हुआ आलू पाए जाने का आरोप लगाया गया।

ग्रामीणों का कहना है कि स्कूल में निर्धारित मीनू के अनुसार भोजन नहीं दिया जाता। हरी सब्ज़ी महीने में एक बार ही बनाई जाती है। यह स्थिति लंबे समय से बनी हुई है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई।
बताया गया कि स्कूल का मध्यान भोजन “शिव शक्ति” नामक स्व-सहायता समूह द्वारा संचालित किया जा रहा है। समूह की अध्यक्ष मध्यान भोजन संचालक रिंकू सिंह की पत्नी हैं, जबकि रिंकू सिंह एक ढाबा भी संचालित करते हैं। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बच्चों के स्वास्थ्य के साथ लापरवाही बरती जा रही है।

आक्रोशित परिजनों एवं ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि मध्यान भोजन की गुणवत्ता में तत्काल सुधार नहीं किया गया, तो वे अपने बच्चों को घर से टिफिन बनाकर स्कूल भेजेंगे। साथ ही मांग की गई कि मध्यान भोजन का संचालन ग्राम पंचायत की देखरेख में किया जाए।
मौके पर सरपंच प्रतिनिधि अमित खुशमन खलखो सहित परमेश्वर राजवाड़े, अजय कुमार साहू, शिवचंद राजवाड़े, बलेश राजवाड़े, भारत लाल, धनीराम, सत्यम साहू, धर्मेंद्र साहू, कमल कांति, आशा प्रसाद राजवाड़े, गोरेलाल अमर शाह राजवाड़े सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे। सभी ने मध्यान भोजन संचालक विवेक शरण सिंह पर कार्रवाई की मांग की।

मामले पर शिक्षा विभाग प्रतापपुर के वियो मनु लाल ध्रुवे ने कहा कि शिकायत को गंभीरता से लिया गया है और जल्द ही जांच टीम गठित कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
एक ओर शासन द्वारा शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए महत्वाकांक्षी योजनाएं संचालित की जा रही हैं, वहीं दूसरी ओर मध्यान भोजन में लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य के लिए खतरा बनती जा रही है। अब देखना यह होगा कि दोषियों पर कार्रवाई होती है या मामला लीपापोती की भेंट चढ़ जाता है।


