जरही,भटगांव,सूरजपुर
ग्राम बंशीपुर में बढ़ती ठंड को ध्यान में रखते हुए सुहानी महिला समिति द्वारा एक सराहनीय सामाजिक पहल करते हुए कंबल वितरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। शीत ऋतु के इस कठिन समय में जरूरतमंदों को राहत पहुंचाने के उद्देश्य से आयोजित इस कार्यक्रम की ग्रामीणों ने जमकर प्रशंसा की।
कार्यक्रम में समिति की पदाधिकारी, वरिष्ठ सदस्याएं एवं अन्य महिलाएं बड़ी संख्या में उपस्थित रहीं। समिति की ओर से बताया गया कि ठंड के मौसम में सबसे अधिक परेशानी बुजुर्गों, महिलाओं, बच्चों और आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों को होती है, ऐसे में उन्हें ठंड से बचाव के लिए आवश्यक सहायता देना ही इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य है।

कार्यक्रम की शुरुआत समिति की वरिष्ठ सदस्याओं द्वारा सेवा भाव के साथ की गई। उन्होंने कहा कि सुहानी महिला समिति हर वर्ष शीत ऋतु के दौरान सामाजिक उत्तरदायित्व निभाते हुए जरूरतमंदों की सहायता करती है। इस वर्ष भी तापमान में लगातार गिरावट को देखते हुए यह निर्णय लिया गया कि ग्राम बंशीपुर के जरूरतमंद परिवारों को कंबल उपलब्ध कराए जाएं, ताकि कोई भी व्यक्ति ठंड की वजह से असहज स्थिति में न रहे।
कंबल वितरण के दौरान गांव के बुजुर्गों, महिलाओं और कई जरूरतमंद परिवारों को निःशुल्क कंबल प्रदान किए गए। कंबल पाकर ग्रामीणों के चेहरों पर राहत और खुशी साफ नजर आई। ग्रामीणों ने समिति की इस पहल को मानवीय संवेदना और सामाजिक सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया और कहा कि ऐसे प्रयास समाज में सहयोग, सौहार्द और भाईचारे की भावना को मजबूत करते हैं।

ग्रामीणों ने एक स्वर में सुहानी महिला समिति की सभी सदस्याओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब समाज की महिलाएं आगे बढ़कर सेवा कार्य करती हैं, तो इसका सकारात्मक प्रभाव पूरे क्षेत्र में देखने को मिलता है।
समिति की सदस्याओं ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल सामग्री वितरण तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में जरूरतमंदों की मदद, महिलाओं का सशक्तिकरण और जनहित से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता देना है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि आने वाले समय में समिति द्वारा स्वच्छता अभियान, स्वास्थ्य जागरूकता कार्यक्रम, महिला समूह सशक्तिकरण और शिक्षा से जुड़े कई सामाजिक कार्य आयोजित किए जाएंगे।
इस पूरे कार्यक्रम में समिति की सभी महिलाओं का विशेष योगदान रहा। सेवा, समर्पण और उत्साह का भाव पूरे आयोजन के दौरान स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। सुहानी महिला समिति की यह पहल न केवल जरूरतमंदों को राहत देने वाली रही, बल्कि समाज के लिए एक प्रेरणास्रोत भी बनी।


