साइबर फ्राड पीड़ितों ने साझा की अपनी आपबीती, जनता से की सतर्क रहने की अपील।
सूरजपुर:– डिजिटल युग में जहां तकनीक ने लोगों के जीवन को आसान बनाया है, वहीं साइबर अपराधियों ने इस सुविधा को ठगी का जरिया बना लिया है। ऐसे में नागरिकों को सतर्क और जागरूक रखने के लिए सूरजपुर पुलिस द्वारा “साइबर सुरक्षा संवाद अभियान” के तहत गुरुवार, 06 नवम्बर 2025 को जरही के मनोरंजन गृह में साइबर जन जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में डीआईजी व एसएसपी सूरजपुर प्रशांत कुमार ठाकुर, जीएम भटगांव माधव बोबडे, जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा, और मंत्री प्रतिनिधि ठाकुर प्रसाद राजवाड़े मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए।
इस अवसर पर अधिकारियों ने नागरिकों को ऑनलाइन ठगी और साइबर फ्रॉड से बचाव के उपायों की जानकारी दी और सजगता को ही वास्तविक सुरक्षा बताया।
डीआईजी/एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर बोले “सावधानी ही सबसे बड़ी सुरक्षा”

डीआईजी व एसएसपी ने कहा कि आज साइबर अपराधी लोगों की भावनाओं और लालच का फायदा उठाकर ठगी कर रहे हैं।
उन्होंने कहा
“अगर कोई कॉल, ईमेल या व्हाट्सएप संदेश आपको लोन दिलाने, इनाम जीतने या बैंक जानकारी मांगने के लिए प्रेरित करता है, तो समझ लीजिए यह साइबर फ्राड है। किसी भी हाल में अपने एटीएम, बैंक अकाउंट, ओटीपी या व्यक्तिगत जानकारी साझा न करें।”
उन्होंने आगे कहा कि लोग साइबर अपराध की शिकायत राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर तुरंत दर्ज कराएं ताकि समय रहते कार्रवाई हो सके।
डीआईजी ने नागरिकों से अपील की कि वे अपने बच्चों और बुजुर्गों को भी डिजिटल सुरक्षा के प्रति जागरूक करें, ताकि कोई भी व्यक्ति साइबर ठगों का शिकार न बने।
जीएम माधव बोबडे बोले — “जागरूकता ही साइबर अपराध से बचाव का सबसे बड़ा हथियार”

भटगांव के जीएम श्री माधव बोबडे ने कहा कि अब ठग नए-नए तरीके अपनाकर लोगों को भ्रमित करते हैं, ऐसे में हर नागरिक का जागरूक होना बहुत जरूरी है। उन्होंने कहा
“साइबर अपराधी आपको सरकारी योजना या पुरस्कार के नाम पर भ्रमित कर सकते हैं, लेकिन सजग नागरिक कभी ठगी का शिकार नहीं होते। अपने आस-पास के लोगों को जागरूक करना हम सबकी जिम्मेदारी है।”
जनप्रतिनिधियों ने भी की अपील।
जिला पंचायत अध्यक्ष श्रीमती चंद्रमणि पैकरा और मंत्री प्रतिनिधि ठाकुर प्रसाद राजवाड़े ने कहा कि पुलिस और प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे ऐसे अभियानों को निरंतर समर्थन दिया जाना चाहिए ताकि हर नागरिक डिजिटल सुरक्षा का पालन कर सके।
उन्होंने कहा कि आज के समय में मोबाइल और इंटरनेट आम जीवन का हिस्सा बन चुके हैं, लेकिन इनके साथ जोखिम भी जुड़ा है, जिसे रोकने का एकमात्र उपाय जागरूकता है।
साइबर फ्राड पीड़ितों ने सुनाई आपबीती — दी सावधानी की सीख

कार्यक्रम में साइबर ठगी के पीड़ित नागरिकों ने मंच से अपनी आपबीती साझा की।
जीएम (पर्यावरण) मनोज अग्रवाल और जेसीसी मेंबर विष्णु साहू ने बताया कि उन्हें भी ठगों ने कॉल कर बैंक डिटेल्स मांगने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने सतर्कता दिखाई और झांसे में नहीं आए।
वहीं कुछ पीड़ितों ने कहा कि अनजान कॉल, फर्जी लिंक या ईमेल पर क्लिक करने से नुकसान होता है, इसलिए सतर्क रहना सबसे जरूरी है।
सभी पीड़ितों ने एक स्वर में कहा।
“अगर कोई भी संदिग्ध कॉल आए तो उसकी जानकारी तुरंत पुलिस या हेल्पलाइन 1930 पर दें, ताकि अपराधियों को समय रहते पकड़ा जा सके।”
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में मौजूद रहे नागरिक और छात्र
इस साइबर संवाद कार्यक्रम में नगर पंचायत अध्यक्ष भटगांव परमेश्वरी राजवाड़े, नप अध्यक्ष जरही पूरन राजवाड़े, थाना प्रभारी भटगांव सरफराज फिरदौसी, मंडल अध्यक्ष रमेश गुप्ता, बीडीसी नंद राजवाड़े, दशरथ राजवाड़े, मनोहर राजवाड़े, पार्षदगण, ग्राम सरपंच, बड़ी संख्या में नागरिक और स्कूली छात्र उपस्थित रहे।
सभी ने साइबर अपराधों से बचाव के उपायों को गंभीरता से सुना और डिजिटल सतर्कता अपनाने का संकल्प लिया।
डीआईजी का संदेश — “जागरूक रहें, सुरक्षित रहें”
कार्यक्रम के समापन पर डीआईजी व एसएसपी प्रशांत कुमार ठाकुर ने कहा “आज का युग डिजिटल है, इसलिए अपराध भी डिजिटल हो गया है। हमें हर क्लिक से पहले सोचने की आदत डालनी होगी। सजगता ही सुरक्षा है, यही हमारा संदेश है।”
यदि आप किसी साइबर फ्रॉड या ऑनलाइन ठगी के शिकार हुए हैं — तो तुरंत संपर्क करें:
राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर: 1930
वेबसाइट: www.cybercrime.gov.in


