शारीरिक फिटनेस से लेकर मानसिक एकाग्रता तक—बच्चों में दिख रहा सकारात्मक बदलाव।
सूरजपुर, बतरा
सूरजपुर जिले में गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ छात्रों के सर्वांगीण विकास को लेकर उठाए जा रहे कदमों के तहत पीएमश्री स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालय बतरा में योग, प्राणायाम और ध्यान का विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम निरंतर संचालित किया जा रहा है। जिले के कलेक्टर एस. जयवर्धन के संरक्षण, जिला शिक्षा अधिकारी अजय कुमार मिश्रा के मार्गदर्शन, जिला मिशन समन्वयक मनोज कुमार साहू तथा सहायक संचालक रविन्द्र सिंहदेव के निर्देशन में यह पहल विद्यालय में नई ऊर्जा और सकारात्मक वातावरण का निर्माण कर रही है।
विद्यालय के प्राचार्य गोवर्धन सिंह और प्रधान पाठिका अंजना जायसवाल ने पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए शिक्षक-स्टाफ के साथ मिलकर विशेष रूपरेखा तैयार की है। वहीं पतंजलि योग शिक्षक बाल साय विश्वकर्मा की प्रशिक्षित निगरानी में छात्र-छात्राओं को विभिन्न यौगिक क्रियाओं का सूक्ष्म और वैज्ञानिक प्रशिक्षण निरंतर दिया जा रहा है।

शारीरिक फिटनेस के लिए विशेष योग सत्र।
कार्यक्रम में छात्रों को प्रतिदिन यौगिक जॉगिंग, सूर्य नमस्कार और शरीर को संतुलित एवं मजबूत बनाने वाले अनेक आसनों का अभ्यास कराया जाता है।
इनमें प्रमुख रूप से ताड़ासन, वृक्षासन, हलासन, उष्ट्रासन, पश्चिमोत्तानासन, चक्रासन, सर्वांगासन, शीर्षासन सहित कई मुद्राएँ शामिल हैं ये आसन न केवल बच्चों की मांसपेशियों को लचीला बनाते हैं बल्कि उनकी शारीरिक सहनशक्ति, पोश्चर, फेफड़ों की क्षमता और रोग प्रतिरोधक क्षमता को भी बढ़ाते हैं।
प्रशिक्षकों के अनुसार, बढ़ते बच्चों के लिए यह आसन एक पूर्ण विकास पैकेज की तरह काम करते हैं। नियमित अभ्यास करने वाले छात्रों में शारीरिक फुर्ती, चुस्ती और ऊर्जा में स्पष्ट सुधार देखा जा रहा है।
मानसिक शांति और स्मरणशक्ति बढ़ाने पर विशेष फोकस
विद्यालय में मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए छात्रों को भस्त्रिका, कपालभाती, अनुलोम-विलोम, भ्रामरी, उद्गीत प्राणायाम और ध्यान का गहन अभ्यास कराया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इन प्राणायामों का सीधा प्रभाव विद्यार्थियों की एकाग्रता क्षमता,स्मरणशक्ति,भावनात्मक संतुलन,तनाव नियंत्रण और मानसिक स्थिरता पर पड़ता है।
कई छात्रों ने बताया कि नियमित योगाभ्यास से उन्हें पढ़ाई में अधिक फोकस मिलता है, मन शांत रहता है और थकान महसूस नहीं होती। कुछ छात्रों ने यह भी कहा कि वे अपने दैनिक जीवन में भी योग को अपनाने लगे हैं।

“योग भारतीय संस्कृति की धरोहर”प्राचार्य गोवर्धन सिंह
विद्यालय प्राचार्य गोवर्धन सिंह ने बताया कि “योग न सिर्फ तन और मन को स्वस्थ बनाता है, बल्कि यह हमारे जीवन में अनुशासन, संतुलन और आध्यात्मिक शांति भी लाता है। योग भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर है, जिसकी जड़ें वैदिक परंपराओं में गहराई से जुड़ी हैं और जिसे महर्षि पतंजलि ने योगसूत्र के माध्यम से व्यवस्थित रूप दिया है। स्कूल का प्रयास है कि हर छात्र योग को अपनी जीवनशैली का हिस्सा बनाए।”
छात्रों में उत्साह, अभिभावकों में संतोष योगाभ्यास में भाग ले रहे छात्राओं में उत्साह देखने लायक है छात्रों ने बताया कि योग से उन्हें स्फूर्ति,ताजगी,मानसिक शांति,बेहतर एकाग्रता,और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।
अभिभावकों ने भी विद्यालय की इस पहल को सराहते हुए कहा कि योग से उनके बच्चों की दिनचर्या और व्यवहार में सकारात्मक बदलाव दिख रहे हैं।
शिक्षकगण का महत्वपूर्ण योगदान।
पूरे कार्यक्रम को सफल बनाने में विद्यालय के शिक्षकगण—
स्मृति मिश्रा, आकिब आलम, नेहा सिंह, रुचि कुशवाहा, रागिनी कुमारी, काजल सोनी, श्वेता कुंडू, ज्योति गुप्ता, मेघा साहू, प्रियंका कुमारी, अमजद अली, फातमा सोगरा, एकता सिंह का विशेष सहयोग रहा इनकी सक्रिय भागीदारी से योग कार्यक्रम न केवल नियमित रूप से संचालित हो रहा है, बल्कि हर दिन बेहतर होता जा रहा है।
सूरजपुर जिले के शिक्षा विभाग की यह पहल बच्चों के संपूर्ण व्यक्तित्व विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है। योग कार्यक्रम से विद्यार्थियों में अनुशासन, स्वास्थ्य, ऊर्जा और सकारात्मक सोच का संचार हो रहा है, जो उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।


