अंबिकापुर, 22 फरवरी 2026
जिले में आपातकालीन सेवा को और अधिक प्रभावी एवं जवाबदेह बनाने के उद्देश्य से छत्तीसगढ़ पुलिस द्वारा संचालित डॉयल-112 (नेक्स्ट फेज) योजना की समीक्षा बैठक आयोजित की गई। यह बैठक रक्षित केंद्र अंबिकापुर स्थित सभाकक्ष में डीआईजी एवं एसएसपी सरगुजा राजेश कुमार अग्रवाल के दिशा-निर्देशन में संपन्न हुई।
बैठक में ईआरयू/ईआरव्ही में पदस्थ अधिकारी-कर्मचारी एवं वाहन चालकों को आपात स्थिति में त्वरित और संवेदनशील प्रतिक्रिया देने के स्पष्ट निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सरगुजा ने कहा कि डॉयल-112 आम नागरिकों के लिए भरोसे की सेवा है, इसलिए हर इवेंट पर तत्काल रवाना होना और रिस्पांस टाइम का विशेष ध्यान रखना अनिवार्य है।
अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि ईआरयू/ईआरव्ही स्टाफ निर्धारित स्टॉपेज पॉइंट पर समय पर उपस्थित रहें, ड्यूटी के दौरान स्वच्छ गणवेश में रहें तथा किसी भी प्रकार के नशीले पदार्थों का सेवन न करें। वाहनों के रख-रखाव एवं उपकरणों की नियमित जांच के भी निर्देश दिए गए।
बैठक में महिलाओं एवं बच्चों से संबंधित मामलों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। गंभीर घटना की सूचना मिलने पर तत्काल मौके पर पहुंचकर डीसीसी एवं सी-4 को स्थिति से अवगत कराने तथा संबंधित थाना प्रभारी को सूचित कर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।

नोडल अधिकारी एवं अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने ड्यूटी में आने वाली समस्याओं की जानकारी लेकर उनके त्वरित निराकरण के निर्देश डीसीसी प्रभारी को दिए। साथ ही स्पष्ट चेतावनी दी गई कि आपातकालीन सेवाओं में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बैठक में डीसीसी प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश्वरी चौबे, वाहन शाखा प्रभारी सहायक उप निरीक्षक सत्यनारायण यादव, प्रधान आरक्षक संजीव कुमार त्रिपाठी, महिला आरक्षक मनीषा द्विवेदी, आरक्षक अजय कुमार थवाईत, महेंद्र कुमार गोंड, अमन उईके, जीवीके जिला प्रबंधक पुरुषोत्तम दास वैष्णव सहित ईआरयू/ईआरव्ही में तैनात पुलिस अधिकारी-कर्मचारी एवं वाहन चालक उपस्थित रहे।
सरगुजा पुलिस की इस पहल को आपातकालीन सेवा को अधिक तत्पर, पारदर्शी और जनोन्मुखी बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।


