“भक्ति और ज्ञान का संगम: भटगांव में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह कल से”
“हरि नाम से गूंजेगा भटगांव, कलश यात्रा के साथ शुरू होगी श्रीमद्भागवत कथा”
“चित्रकूट धाम से पधारे आचार्य दुर्गेश त्रिपाठी, भटगांव में करेंगे श्रीमद्भागवत कथा”
“हनुमान मंदिर परिसर बनेगा भक्ति का केंद्र, कल से सात दिवसीय भागवत कथा का आयोजन”
“कलश यात्रा के साथ आध्यात्मिक उत्सव की शुरुआत, भटगांव में श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह”
भटगांव विशेष धार्मिक समाचार
नगर पंचायत भटगांव के प्रसिद्ध हनुमान मंदिर परिसर में आयोजित होने जा रही सात दिवसीय श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह ने क्षेत्र में आध्यात्मिक चेतना का संचार कर दिया है। चित्रकूट धाम से पधारे सुप्रसिद्ध कथावाचक आचार्य श्री दुर्गेश त्रिपाठी जी के सान्निध्य में यह भव्य आयोजन 06 जनवरी 2025 से प्रारंभ होकर 13 जनवरी 2025 तक चलेगा।
कलश यात्रा से होगा शुभारंभ
कथा सप्ताह का शुभारंभ 06 जनवरी 2025, सोमवार को सुबह 10 बजे भव्य कलश यात्रा के साथ होगा। नगर की महिलाएं, पुरुष, युवा एवं श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में कलश लेकर नगर भ्रमण करेंगे। इसके पश्चात प्रतिदिन सायंकाल से श्रीमद्भागवत कथा का आयोजन किया जाएगा।
भक्ति, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा का अद्भुत संगम
कथावाचक आचार्य श्री दुर्गेश त्रिपाठी जी ने कहा कि “श्रीमद्भागवत केवल एक धार्मिक ग्रंथ नहीं, बल्कि जीवन जीने की कला सिखाने वाला दिव्य ज्ञान है। जन्म-जन्मांतर के पुण्य उदय होने पर ही भागवत कथा श्रवण का सौभाग्य प्राप्त होता है। भागवत को समझना भगवान श्रीकृष्ण को समझने के समान है।”

उन्होंने अपने मधुर प्रवचनों में श्रीकृष्ण की बाल लीलाएं, गोवर्धन पूजा, भक्त-प्रसंगों का अत्यंत भावपूर्ण वर्णन किया, जिससे पूरा पंडाल “हरि-हरि” के जयघोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए।
श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव
कथा में भाग ले रहे श्रद्धालुओं ने बताया कि
“हम कई वर्षों से भागवत कथा सुनते आ रहे हैं, लेकिन हर बार ऐसा लगता है जैसे नया जीवन मिल गया हो। मन का सारा बोझ उतर जाता है और सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है।”

वहीं हनुमान मंदिर के पुजारी ने कहा
“कथा के प्रसंग सुनकर ऐसा लगा जैसे हम स्वयं कृष्ण लीला का हिस्सा बन गए हों। अब यह विश्वास और मजबूत हुआ है कि सच्चा सुख भगवान के चरणों में ही है।”
मन की अशांति दूर कर भक्ति मार्ग पर अग्रसर करती है भागवत कथा कथावाचक ने बताया कि भागवत कथा के श्रवण मात्र से मन को असीम शांति मिलती है, नकारात्मकता दूर होती है और व्यक्ति मोह-माया से ऊपर उठकर भक्ति मार्ग पर अग्रसर होता है। यह कथा केवल सुनने का विषय नहीं, बल्कि उसे जीवन में उतारने का संदेश देती है।
भटगांव के नगरवासियों ने की सहभागिता की अपील
यह आयोजन समस्त नगरवासियों के सहयोग से किया जा रहा है। आयोजन समिति ने सभी श्रद्धालुओं से कलश यात्रा में अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने और कथा श्रवण कर पुण्य लाभ अर्जित करने की अपील की है।
आध्यात्मिक उन्नति का संकल्प कुल मिलाकर, भटगांव में आयोजित यह श्रीमद्भागवत कथा सप्ताह केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि आत्मशुद्धि, पाप नाश और आध्यात्मिक उन्नति का सशक्त माध्यम बनकर उभरा है। इस कथा ने एक बार फिर यह सिद्ध कर दिया कि श्रीमद्भागवत साक्षात् श्रीकृष्ण का स्वरूप है, जो सुनने मात्र से मोक्ष का मार्ग प्रशस्त करती है।


