बैकुंठपुर:–अपराध अनुसंधान एवं विवेचना की गुणवत्ता में सुधार लाने के उद्देश्य से एमसीबी एवं कोरिया जिले के पुलिस अधिकारियों और विवेचकों के लिए एकदिवसीय कार्यशाला सह प्रशिक्षण शिविर का आयोजन किया गया। यह कार्यशाला 18 दिसंबर 2025 को जिला एवं सत्र न्यायालय, बैकुंठपुर के सभागृह में संपन्न हुई।
कार्यशाला का आयोजन जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री समीर कुजूर तथा पुलिस अधीक्षक कोरिया श्री रवि कुर्रे की अध्यक्षता एवं गरिमामयी उपस्थिति में किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य विवेचना के दौरान होने वाली त्रुटियों को कम कर त्रुटिरहित और सुदृढ़ विवेचना को बढ़ावा देना था, जिससे अपराधों में दोष सिद्धि की दर (Conviction Rate) बढ़ाई जा सके।

कार्यशाला में विशेषज्ञ वक्ताओं द्वारा अपराध अनुसंधान के दौरान सामान्यतः होने वाली गलतियों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने स्पष्ट किया कि विवेचना में छोटी-सी चूक भी अपराधियों को लाभ पहुंचा सकती है, इसलिए प्रत्येक प्रकरण में कानूनी प्रावधानों का पूर्णतः पालन आवश्यक है।
जिला एवं अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश श्री समीर कुजूर ने विशेष रूप से पॉक्सो एक्ट से जुड़े मामलों में त्रुटिरहित विवेचना की प्रक्रिया पर विस्तार से मार्गदर्शन दिया। उन्होंने विवेचकों द्वारा पूछे गए प्रश्नों का समाधान करते हुए व्यावहारिक उदाहरणों के माध्यम से जांच की बारीकियों को समझाया।
पुलिस अधीक्षक कोरिया श्री रवि कुर्रे ने अपराध अनुसंधान में आधुनिक एवं डिजिटल तकनीकों के अधिकतम उपयोग पर जोर दिया। साथ ही उन्होंने बीएनएस एवं बीएनएसएस के नवीन प्रावधानों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कार्यक्रम की शुरुआत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल के स्वागत उद्बोधन से हुई। उन्होंने विवेचकों से अपील की कि वे इस प्रशिक्षण शिविर का अधिकतम लाभ उठाएं और विवेचना से संबंधित अपनी सभी शंकाओं का समाधान करें।
लोक अभियोजन अधिकारी एवं लोक अभियोजक श्रीमती कामिनी राजवाड़े ने एनडीपीएस एक्ट के प्रावधानों पर विस्तृत जानकारी देते हुए विवेचना के दौरान की जाने वाली सामान्य त्रुटियों की ओर ध्यान आकृष्ट किया। उन्होंने अभियोजन की मजबूती के लिए पुलिस–अभियोजन समन्वय को अत्यंत आवश्यक बताया।
वहीं सीन ऑफ क्राइम यूनिट की वैज्ञानिक अधिकारी सुश्री साधना दुबे ने घटनास्थल निरीक्षण, भौतिक साक्ष्यों के वैज्ञानिक ढंग से संकलन, संरक्षण एवं परीक्षण के संबंध में विवेचकों को प्रशिक्षित किया।
कार्यक्रम में जिला विभाजन अधिकारी श्री पांडे जी पी, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री पंकज पटेल, पुलिस अधीक्षक श्री श्याम मधुकर, वैज्ञानिक अधिकारी सुश्री साधना दुबे, कोरिया जिले के समस्त थाना प्रभारी एवं विवेचक उपस्थित रहे।
यह कार्यशाला पुलिस अधिकारियों के लिए व्यावहारिक, कानूनी और तकनीकी ज्ञान का सशक्त मंच साबित हुई, जिससे भविष्य में अपराध अनुसंधान की गुणवत्ता में उल्लेखनीय सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।


