रायपुर (CG News) छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल ने ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) की कार्रवाई और PMLA एक्ट (प्रिवेंशन ऑफ मनी लॉन्ड्रिंग एक्ट) की वैधता को चुनौती देते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है।
चैतन्य बघेल ने अपनी याचिका में ईडी द्वारा की गई गिरफ्तारी को अवैध और कानून के विरुद्ध बताया है तथा इसे रद्द करने की मांग की है।
आबकारी घोटाले के मामले में हुई थी गिरफ्तारी
गौरतलब है कि ईडी ने चैतन्य बघेल को छत्तीसगढ़ आबकारी घोटाले (Liquor Scam) से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में गिरफ्तार किया था। ईडी का आरोप है कि इस घोटाले से जुड़े लेन-देन में चैतन्य बघेल की भूमिका सामने आई थी। गिरफ्तारी के बाद उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेजा गया था।
रायपुर सेंट्रल जेल में हैं बंद, सुप्रीम कोर्ट में अब अंतिम उम्मीद
वर्तमान में चैतन्य बघेल रायपुर सेंट्रल जेल में बंद हैं और EOW (आर्थिक अपराध शाखा) की न्यायिक रिमांड पर हैं।
इससे पहले रायपुर की विशेष अदालत और बिलासपुर हाईकोर्ट उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर चुकी हैं। अब उन्होंने सीधे सुप्रीम कोर्ट में गुहार लगाई है, जहां जल्द ही इस मामले की लिस्टिंग होकर सुनवाई की तारीख तय की जाएगी।
PMLA की वैधता पर उठाए सवाल
याचिका में चैतन्य बघेल ने यह भी तर्क दिया है कि ईडी की गिरफ्तारी प्रक्रिया संविधान के अनुच्छेद 21 (जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता) का उल्लंघन करती है।
उन्होंने PMLA एक्ट के कुछ प्रावधानों को “मनमाना और असंवैधानिक” बताते हुए कहा कि ईडी को दिए गए अत्यधिक अधिकारों का दुरुपयोग किया जा रहा है।
राजनीतिक गलियारों में हलचल
भूपेश बघेल परिवार द्वारा सुप्रीम कोर्ट का दरवाज़ा खटखटाने के बाद राज्य के राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल मच गई है।
कांग्रेस नेताओं का कहना है कि यह मामला राजनीतिक प्रतिशोध से प्रेरित है, जबकि भाजपा का कहना है कि “कानून अपना काम कर रहा है।”
अब सबकी निगाहें सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हैं, जो इस पूरे मामले में अगली दिशा तय करेगी।
पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के पुत्र चैतन्य बघेल पहुंचे सुप्रीम कोर्ट, ईडी की गिरफ्तारी और PMLA एक्ट को बताया अवैध।
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