बारात की खुशियाँ मातम में बदल गईं, जिम्मेदार विभागों की लापरवाही फिर उजागर।
सूरजपुर:– एनएच-43 मार्ग पर विश्रामपुर से सतपता के बीच लगाए गए लोहे की पाइपों से बने डिवाइडर अब यातायात सुरक्षा नहीं, बल्कि खतरे का सबब बनते जा रहे हैं। यह डिवाइडर कई स्थानों पर टूट-टूटा, बाहर निकला और जर्जर अवस्था में पड़ा है, जिसकी वजह से लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं। स्थानीय लोग लंबे समय से इसकी मरम्मत की मांग कर रहे हैं, लेकिन जिम्मेदार विभागों की चुप्पी अब हादसों को दावत दे रही है।
इसी सिलसिले में सोमवार को एक और बड़ा हादसा सामने आया। अम्बिकापुर से बारात समारोह से लौट रही एक स्कॉर्पियो केशवनगर के पास अनियंत्रित होकर पलट गई, जिसमें नौ लोग घायल हो गए। सात घायलों की हालत गंभीर होने पर उन्हें अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर किया गया है।
कैसे हुआ हादसा?


रामानुजनगर क्षेत्र के 9 लोग अम्बिकापुर में विवाह समारोह में शामिल होकर घर लौट रहे थे। स्कॉर्पियो जैसे ही केशवनगर के मोड़ के पास पहुंची, चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार:
डिवाइडर की निकली हुई लोहे की पाइपें और टूटा किनारा दुर्घटना की बड़ी वजह बने।
अचानक संतुलन बिगड़ने पर वाहन सड़क किनारे जोरदार तरीके से पलट गया।
हादसे में सड़क पर किनारे खड़ी एक स्कूटी भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई।


स्थानीय लोग बने देवदूत।
हादसे के तुरंत बाद आसपास के ग्रामीण और राहगीर मौके पर पहुंचे। घायलों को बाहर निकालने में भारी मशक्कत करनी पड़ी। सभी को पहले सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र विश्रामपुर ले जाया गया।
स्वास्थ्य केंद्र में:
2 घायलों को वहीं भर्ती रखा गया
7 की गंभीर स्थिति देखते हुए अम्बिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर
डॉक्टरों ने बताया कि कुछ घायलों को सिर, कमर और हाथों में गंभीर चोटें आई हैं।
स्थानीयों का गुस्सा—“यह डिवाइडर सुरक्षा नहीं, मौत का जाल है”
दुर्घटना के बाद इलाके में फिर रोष बढ़ गया है। लोगों ने साफ कहा:
“डिवाइडर अब दुश्मन बन गया है। हर दिन कोई न कोई घायल होता है। पाइप बाहर निकली हैं, कई जगह टेढ़े-मेढ़े हैं। अधिकारी सिर्फ कागजों में बैठकें करते हैं, मैदान में काम नहीं दिखता।”
स्थानीय ड्राइवरों का भी कहना है कि
डिवाइडर की ऊँचाई असमान है
कई पाइप सड़कों पर निकली पड़ी हैं
रात में रिफ्लेक्टर नहीं होने से खतरा दोगुना हो जाता है
प्रशासन और एनएचएआई पर उठे सवाल
लगातार हो रही दुर्घटनाओं के बावजूद एनएचएआई और जिला प्रशासन की चुप्पी समझ से परे है। लोगों ने मांग की है:
तत्काल डिवाइडर की मरम्मत की जाए
रात में हाई-रिफ्लेक्टर लगाया जाए
टूटे हिस्सों को हटाकर सुरक्षित निर्माण किया जाए
दुर्घटना क्षेत्र में चेतावनी बोर्ड लगाए जाएँ
लोगों का कहना है कि “शासन-प्रशासन की उदासीनता ने जान जोखिम में डाल दी है। जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो कभी भी बड़ा जनहानि हो सकता है।”
बारात की खुशियाँ मातम में बदलीं।
हादसे ने परिवार और ग्रामीणों को हिला दिया है। शादी समारोह से लौटते हुए हुए इस हादसे ने पूरे क्षेत्र में चिंता बढ़ा दी। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।


