बिलासपुर, छत्तीसगढ़
बिलासपुर जिले में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी/आर्थिक अपराध अन्वेषण ब्यूरो ने बड़ी और सनसनीखेज कार्रवाई करते हुए बोदरी नगर पंचायत की सीएमओ श्रीमती भारती साहू एवं उनके बाबू सुरेश सिहोरे को 12 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। यह रिश्वत मकान का नक्शा पास करने के एवज में मांगी गई थी।
एसीबी सूत्रों से प्राप्त जानकारी के अनुसार नूतन चौक, सरकंडा (बिलासपुर) निवासी वेदराम निर्मलकर ने दिनांक 12 दिसंबर 2025 को एसीबी इकाई बिलासपुर में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि बोदरी स्थित उसकी जमीन पर मकान निर्माण हेतु नगर पंचायत बोदरी में नक्शा पास करने के लिए आवेदन दिया गया था। इस प्रक्रिया में नगर पंचायत द्वारा ₹20,000 का डिमांड ड्राफ्ट एवं ₹47,257 की वैधानिक फीस जमा कराने के बावजूद बाबू सुरेश सिहोरे द्वारा अतिरिक्त ₹15,000 की रिश्वत की मांग की जा रही थी।

प्रार्थी द्वारा रिश्वत न देकर आरोपियों को पकड़वाने की मंशा जताई गई। शिकायत के सत्यापन के दौरान बाबू सुरेश सिहोरे एवं सीएमओ भारती साहू द्वारा रिश्वत की मांग किए जाने की पुष्टि हुई। बातचीत के दौरान ₹15,000 की रिश्वत को घटाकर ₹12,000 में सौदा तय किया गया, जिसके बाद एसीबी ने ट्रैप की योजना बनाई।

दिनांक 17 दिसंबर 2025 को प्रार्थी द्वारा व्यवस्था की गई ₹12,000 की रिश्वत राशि नगर पंचायत कार्यालय बोदरी में बाबू सुरेश सिहोरे को सौंपी गई। जैसे ही बाबू ने रिश्वत की रकम स्वीकार की, पहले से तैनात एसीबी टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए बाबू सुरेश सिहोरे और सीएमओ भारती साहू को रंगे हाथों पकड़ लिया। रिश्वत की पूरी रकम आरोपी के कब्जे से बरामद कर ली गई।
अचानक हुई इस कार्रवाई से नगर पंचायत कार्यालय सहित आसपास के क्षेत्र में हड़कंप मच गया। एसीबी द्वारा दोनों आरोपियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 की धारा 7 के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
गौरतलब है कि प्रदेश में भ्रष्टाचार के खिलाफ एसीबी द्वारा लगातार सख्त अभियान चलाया जा रहा है, जिसके तहत सरकारी विभागों में व्याप्त रिश्वतखोरी पर कड़ा प्रहार किया जा रहा है। यह कार्रवाई आम जनता के लिए एक बड़ा संदेश मानी जा रही है कि भ्रष्टाचार किसी भी स्तर पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।


