आदिवासी बुजुर्ग की हत्या कर शव नदी में फेंकने का आरोप
सूरजपुर। जिले के मोहरसोप चौकी क्षेत्र से आदिवासी बुजुर्ग की संदिग्ध मौत का एक गंभीर मामला सामने आया है। मृतक के पुत्र कुंवरलाल पण्डो ने अपने पिता रामसुभग पण्डो की हत्या कर शव को रेडिया नदी में फेंके जाने का आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक एवं प्रशासनिक अधिकारियों से न्याय की मांग की है। आवेदन में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज करने के साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है।
जमीन विवाद और पुरानी रंजिश का आरोप…..
पुलिस अधीक्षक को दिए आवेदन के अनुसार, मृतक रामसुभग पण्डो और कुछ लोगों के बीच जमीन को लेकर पुराना विवाद चल रहा था। आवेदक का आरोप है कि करीब एक वर्ष पहले भी उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दी गई थी। इसी पुरानी रंजिश के चलते उनके पिता की सुनियोजित तरीके से हत्या किए जाने की आशंका जताई गई है।
शराब-मुर्गा खिलाने के बहाने ले जाने का आरोप….
आवेदन में बताया गया है कि 17 अगस्त 2026 को रामसुभग पण्डो घर से निकले थे। परिवार की ओर से प्रस्तुत जानकारी के मुताबिक, गवाह अमरलाल ने आरोप लगाया है कि 18 अगस्त की सुबह हिरदन सिंह, रामसुभग को शराब और मुर्गा खिलाने के बहाने जुड़वनिया बगझर की ओर ले गया था।

परिजनों ने एक अन्य कथित चश्मदीद गवाह के हवाले से आरोप लगाया है कि चरवाहा रामकेश्वर ने सुबह करीब 10 बजे शुक्रपाल, लगन और हिरदन को रामसुभग पण्डो को उठाकर रेडिया नदी में फेंकते हुए देखा था। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।
चौकी प्रभारी पर भी गंभीर आरोप…….
मृतक के पुत्र कुंवरलाल पण्डो ने स्थानीय चौकी प्रभारी पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि घटना से संबंधित जानकारी, साक्ष्य और कथित चश्मदीद गवाहों की जानकारी पुलिस को दी गई, लेकिन इसके बावजूद प्राथमिकी दर्ज नहीं की गई।
आवेदक ने आरोप लगाया है कि जब वह अपने पिता की मौत के मामले में न्याय की मांग लेकर चौकी पहुंचे तो उन्हें कथित रूप से धमकाया गया। आवेदन में चौकी प्रभारी द्वारा कथित तौर पर यह कहे जाने का भी उल्लेख है कि, “तुम्हारा पिता तो चला गया, तुम्हें भी जाना है क्या?” इस आरोप के बाद परिवार ने पुलिस के रवैये पर सवाल उठाते हुए उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
कलेक्टर और एसपी से निष्पक्ष जांच की मांग…..
पीड़ित परिवार ने प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। परिवार की प्रमुख मांगों में नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या की धाराओं में FIR दर्ज करना, मामले की निष्पक्ष जांच के लिए विशेष टीम गठित करना तथा चौकी प्रभारी की भूमिका की उच्चस्तरीय जांच शामिल है।
परिवार का आरोप है कि यदि समय रहते मामले में कार्रवाई नहीं की गई तो उन्हें न्याय के लिए आंदोलन का रास्ता अपनाना पड़ेगा।
फिलहाल पूरा मामला पीड़ित पक्ष द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन में लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस जांच और आधिकारिक बयान सामने आने के बाद ही मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।


