500 मीटर दूर गंदे पानी में नहाने को मजबूर होने का दावा, मच्छरदानी-बेड की कमी की भी शिकायत; सरपंच ने कलेक्टर से उच्चस्तरीय जांच की मांग की
सूरजपुर/ओड़गी:–विकासखंड ओड़गी के ग्राम पंचायत छतरंग स्थित शासकीय बालक आश्रम में अव्यवस्थाओं और बच्चों को मूलभूत सुविधाएं नहीं मिलने का मामला सामने आया है। ग्राम पंचायत छतरंग के सरपंच सुभाष सिंह मरकाम द्वारा जिला कलेक्टर सूरजपुर को सौंपे गए शिकायती आवेदन में आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर गंभीर आरोप लगाए गए हैं। सरपंच के अनुसार, आश्रम में बच्चों की सुरक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं को लेकर तत्काल ध्यान देने की आवश्यकता है।
औचक निरीक्षण में सामने आईं कई अनियमितताएं।
शिकायती आवेदन के मुताबिक, सरपंच ने 23 अगस्त 2026 को आश्रम का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आश्रम में दर्ज 48 बच्चों में से केवल 16 बच्चे उपस्थित मिले। आवेदन में आश्रम अधीक्षक चंद्रमणी खरे की नियमित उपस्थिति को लेकर भी सवाल उठाए गए हैं। सरपंच का आरोप है कि अधीक्षक सप्ताह में केवल एक-दो दिन आश्रम आते हैं और जून 2026 में प्रभार संभालने के बाद से उन्होंने आश्रम में रात में रुककर बच्चों की व्यवस्था की निगरानी नहीं की।
मच्छरदानी और पर्याप्त बिस्तर नहीं होने का आरोप।
सरपंच ने अपने आवेदन में बच्चों को मच्छरों से बचाव के लिए पर्याप्त मच्छरदानियां उपलब्ध नहीं होने का दावा किया है। साथ ही बेड और गद्दों की कमी का भी उल्लेख किया गया है। ऐसे में बच्चों के स्वास्थ्य और सुरक्षित आवास को लेकर सवाल खड़े हो रहे हैं, खासकर बरसात के मौसम में जब मच्छरजनित बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।
500 मीटर दूर जाकर नहाने का दावा, सुरक्षा पर गंभीर सवाल।
शिकायत में आश्रम में पानी की समस्या को सबसे गंभीर मुद्दों में से एक बताया गया है। सरपंच के अनुसार, बच्चों को आश्रम से करीब 500 मीटर दूर जंगल के किनारे नदी, तालाब अथवा खेतों से बहने वाले पानी में नहाने के लिए जाना पड़ रहा है। यदि यह स्थिति सही पाई जाती है तो बरसात के मौसम में बच्चों की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता उत्पन्न होती है। गहरे पानी या फिसलन वाले स्थानों पर दुर्घटना की आशंका से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
जांच और कार्रवाई की मांग।
मामले को लेकर सरपंच ने जिला कलेक्टर से उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। साथ ही आश्रम में बच्चों के लिए तत्काल सुरक्षित पेयजल एवं स्नान की व्यवस्था, पर्याप्त मच्छरदानी, बेड-गद्दे तथा अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की गई है। शिकायत में अधीक्षक की कथित अनियमित उपस्थिति की भी जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की मांग की गई है।
अब देखना होगा कि शिकायत के बाद जिला प्रशासन इस मामले में क्या कदम उठाता है और जांच में आश्रम की व्यवस्थाओं को लेकर लगाए गए आरोपों की वास्तविकता क्या सामने आती है। बच्चों से जुड़ा मामला होने के कारण प्रशासन से शीघ्र जांच और आवश्यक सुधार की उम्मीद की जा रही है।
छतरंग शासकीय बालक आश्रम में अव्यवस्थाओं का आरोप, अधीक्षक की गैरहाजिरी से बच्चों की सुरक्षा पर उठे सवाल
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