सूरजपुर/बिहारपुर:– सूरजपुर जिले के दूरस्थ क्षेत्र चांदनी बिहारपुर से एक गंभीर मामला सामने आया है। ग्राम उमापुर निवासी एक महिला ने एक शासकीय शिक्षक पर सरेराह रोककर अभद्रता करने, हाथ-बांह पकड़ने और आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल करने का गंभीर आरोप लगाया है। महिला का दावा है कि घटना के बाद उसने स्थानीय थाना चांदनी में शिकायत दर्ज कराने का प्रयास किया, लेकिन कथित तौर पर उसकी सुनवाई नहीं हुई। इसके बाद पीड़िता ने सूरजपुर पुलिस अधीक्षक के समक्ष लिखित आवेदन देकर न्याय और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
27 जुलाई की घटना का आरोप
पीड़िता श्रीमती सुषमा यादव, पति बलीराम यादव, निवासी ग्राम उमापुर, थाना चांदनी, तहसील बिहारपुर के मुताबिक, 27 जुलाई 2026 की शाम करीब 5:30 बजे वह गोद में अपनी छोटी बच्ची को लेकर बिहारपुर चौकापारा से घर लौट रही थीं। इसी दौरान जगनारायण साहू के घर के पास रामसुभगत यादव, जिन्हें पीड़िता ने शासकीय शिक्षक बताया है, ने कथित तौर पर उन्हें रास्ते में रोक लिया।
आवेदन में महिला ने आरोप लगाया है कि शिक्षक ने उनका हाथ और बांह पकड़कर बाइक पर बैठने का दबाव बनाया तथा उनके साथ आपत्तिजनक एवं अश्लील भाषा का प्रयोग करते हुए अभद्र व्यवहार किया। पीड़िता के अनुसार, घटना के बाद वह मानसिक रूप से आहत हुईं और खुद को असुरक्षित महसूस करने लगीं।

थाने में सुनवाई नहीं होने का दावा
पीड़िता ने अपने आवेदन में आरोप लगाया है कि घटना के बाद 27 जुलाई से 11 अगस्त 2026 तक उन्होंने थाना चांदनी में शिकायत दर्ज कराने और कार्रवाई की मांग को लेकर प्रयास किया, लेकिन उनकी शिकायत पर अपेक्षित सुनवाई नहीं हुई। महिला ने थाना प्रभारी को लेकर भी आरोप लगाए हैं, हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है।
अब एसपी से न्याय की गुहार
स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने का आरोप लगाते हुए पीड़िता ने अब सूरजपुर पुलिस अधीक्षक को आवेदन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने तथा आरोप सही पाए जाने पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की मांग की है।
इस मामले में अब पुलिस जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पीड़िता द्वारा लगाए गए आरोपों की सत्यता और घटना की वास्तविक परिस्थितियों का निर्धारण जांच के आधार पर होगा।
आरोपी शिक्षक का पक्ष
वहीं, रामसुभगत यादव से उनका पक्ष जानने का प्रयास किया गया। उन्होंने महिला को ठीक से नहीं जानने की बात कही और अपना बयान देने की बात कही थी। हालांकि, इसके बाद उनका विस्तृत पक्ष प्राप्त नहीं हो सका। उनका पक्ष प्राप्त होने पर उसे भी निष्पक्ष रूप से प्रकाशित किया जाएगा।
बड़ा सवाल—क्या होगी कार्रवाई?
मामले में अब सवाल यह है कि पीड़िता की शिकायत पर पुलिस किस स्तर पर जांच करती है और जांच में क्या तथ्य सामने आते हैं। यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित व्यक्ति के खिलाफ क्या कार्रवाई होगी, यह भी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा।
नोट: यह खबर पीड़िता द्वारा पुलिस अधीक्षक को दिए गए आवेदन एवं उसमें लगाए गए आरोपों पर आधारित है। आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि फिलहाल नहीं हुई है। आरोपी पक्ष का विस्तृत बयान प्राप्त होने पर उसे भी प्रमुखता से प्रकाशित किया जाएगा।


