पांच सूत्रीय मांगों को लेकर शिक्षकों ने सौंपा ज्ञापन, मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
सूरजपुर:– छत्तीसगढ़ में एलबी संवर्ग के शिक्षकों की लंबित मांगों को लेकर छत्तीसगढ़ शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने अब आर-पार की लड़ाई का ऐलान करते हुए शासन-प्रशासन के समक्ष पांच सूत्रीय मांगें रखी हैं। मोर्चा ने शिक्षक हित से जुड़े मुद्दों का शीघ्र निराकरण कर ठोस निर्णय लेने की मांग करते हुए चेतावनी दी है कि समय रहते मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
मोर्चा के प्रांतीय संयोजक संजय शर्मा, केदार जैन एवं वीरेंद्र दुबे के नेतृत्व में शासन के नाम ज्ञापन सौंपा गया। जिला संचालक सचिन त्रिपाठी, यादवेन्द्र दुबे एवं भूपेश सिंह ने शिक्षकों की समस्याओं को प्रमुखता से उठाते हुए कहा कि लंबे समय से लंबित मांगों के निराकरण में हो रही देरी से शिक्षक वर्ग में नाराजगी बढ़ रही है।
TET की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग
मोर्चा ने सेवारत शिक्षक संवर्ग के लिए TET की अनिवार्यता तत्काल समाप्त करने की मांग की है। संगठन का कहना है कि सुप्रीम कोर्ट द्वारा TET के लिए 31 अगस्त 2028 तक का समय दिए जाने के मद्देनजर पदोन्नति में भी TET की अनिवार्यता समाप्त की जानी चाहिए। मोर्चा ने इसे शिक्षकों की सेवा सुरक्षा से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताया है।

प्रथम नियुक्ति तिथि से सेवा गणना और पुरानी पेंशन की मांग
शिक्षक एलबी संवर्ग की सेवा गणना पंचायत संवर्ग में प्रथम नियुक्ति तिथि से किए जाने की मांग भी प्रमुखता से उठाई गई है। मोर्चा ने पुरानी पेंशन सहित शिक्षा विभाग में लागू समस्त सेवा लाभ प्रदान करने की मांग की है।
वेतन विसंगति दूर करने केंद्रीय वेतनमान की मांग
शिक्षकों की लंबित वेतन विसंगति दूर करने के लिए मोर्चा ने केंद्रीय वेतन संरचना के आधार पर वेतन निर्धारण की मांग की है। संगठन का कहना है कि वेतन विसंगति के कारण शिक्षक लंबे समय से प्रभावित हैं, इसलिए इस मुद्दे का स्थायी समाधान किया जाना जरूरी है।
भर्ती-पदोन्नति नियम में संशोधन की मांग

मोर्चा ने छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा सेवा (शैक्षिक एवं प्रशासनिक संवर्ग) भर्ती एवं पदोन्नति नियम के 13 फरवरी 2026 के राजपत्र में एलबी संवर्ग के हितों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक संशोधन करने की मांग की है। संगठन का आरोप है कि वर्तमान प्रावधानों में शिक्षकों के हितों से जुड़ी विसंगतियां हैं, जिन्हें दूर किया जाना चाहिए।
ब्रिज कोर्स के माध्यम से B.Ed. प्रशिक्षण की मांग
शिक्षक संवर्ग के लिए शिक्षा विभाग द्वारा विशेष योजना बनाकर ब्रिज कोर्स के माध्यम से B.Ed. प्रशिक्षण उपलब्ध कराने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है। मोर्चा ने कहा कि शिक्षकों को आवश्यक प्रशिक्षण उपलब्ध कराने के लिए सरकार को व्यावहारिक और प्रभावी व्यवस्था बनानी चाहिए।
मांगें पूरी नहीं हुईं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी
शिक्षक संघर्ष मोर्चा ने स्पष्ट किया है कि ज्ञापन के माध्यम से शासन का ध्यान शिक्षकों की प्रमुख समस्याओं की ओर आकर्षित किया गया है। मोर्चा पदाधिकारियों ने कहा कि यदि शासन स्तर पर इन मांगों का शीघ्र निराकरण कर आवश्यक आदेश जारी नहीं किए गए, तो शिक्षक वर्ग आंदोलन को और व्यापक एवं उग्र करने के लिए बाध्य होगा।
शिक्षक संगठनों के इस रुख से आने वाले दिनों में प्रदेश में शिक्षक हितों से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन तेज होने के संकेत मिल रहे हैं।


