“विश्रामपुर में बिजली कनेक्शन का बड़ा खेल? इंडस्ट्रियल कनेक्शन की बढ़ती संख्या पर उठे सवाल”
“इंडस्ट्रियल कनेक्शन बना चर्चा का विषय: विश्रामपुर बिजली विभाग की कार्यप्रणाली पर उठने लगे सवाल”
सूरजपुर / विश्रामपुर
सूरजपुर जिले के विश्रामपुर क्षेत्र में तेजी से बढ़ रहे इंडस्ट्रियल बिजली कनेक्शन अब चर्चा का विषय बनते जा रहे हैं। स्थानीय लोगों और बिजली उपभोक्ताओं के बीच यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इतने कम समय में बड़ी संख्या में औद्योगिक कनेक्शन कैसे स्वीकृत हो रहे हैं और उनकी प्रक्रिया कितनी पारदर्शी है।
सूत्रों के अनुसार विश्रामपुर क्षेत्र में पिछले कुछ समय में कई हाई लोड और इंडस्ट्रियल कनेक्शन जारी हुए हैं। इन कनेक्शनों के लिए लाइन विस्तार, ट्रांसफार्मर और तकनीकी निरीक्षण जैसी प्रक्रियाएं भी तेजी से पूरी की गईं। लेकिन अब इन प्रक्रियाओं को लेकर कई तरह की चर्चाएं सामने आने लगी हैं।स्थानीय लोगों का कहना है कि आम उपभोक्ताओं को छोटे-छोटे कामों के लिए बिजली विभाग के चक्कर लगाने पड़ते हैं, जबकि औद्योगिक कनेक्शनों के मामलों में प्रक्रिया अपेक्षाकृत तेज नजर आती है। यही वजह है कि अब सवाल उठने लगे हैं कि क्या सभी मामलों में नियमों का समान रूप से पालन हो रहा है या नहीं।
कुछ उद्योग संचालकों और स्थानीय सूत्रों के बीच यह भी चर्चा है कि
लोड स्वीकृति, तकनीकी निरीक्षण और लाइन विस्तार जैसी प्रक्रियाओं में किस स्तर पर निर्णय लिए जाते हैं और इनमें किन अधिकारियों की भूमिका रहती है। हालांकि इन चर्चाओं की अभी तक कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन लगातार सामने आ रही जानकारियों ने पूरे मामले को जांच का विषय बना दिया है।

सबसे बड़ा सवाल यह है कि
विश्रामपुर क्षेत्र में अब तक कितने इंडस्ट्रियल कनेक्शन स्वीकृत हुए?
इन कनेक्शनों के लिए किस अधिकारी ने तकनीकी निरीक्षण किया?
और क्या इन सभी मामलों में नियमों का पूरी तरह पालन हुआ?
अगर इन सवालों की निष्पक्ष जांच होती है तो संभव है कि
विश्रामपुर के बिजली तंत्र से जुड़ी कई अहम जानकारियां सामने आ सकती हैं।फिलहाल यह मामला चर्चा में है और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सूरजपुर बिजली विभाग के जिला अधिकारी बसंत सोम इस पूरे मामले की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे यह तो देखने वाली बात होगी फिलहाल यह मामला चर्चा में है और अब लोगों की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या सूरजपुर बिजली विभाग के जिला अधिकारी बसंत सोम इस पूरे मामले की जांच कर पारदर्शिता सुनिश्चित करेंगे यह तो देखने वाली बात होगी।


