छत्तीसगढ़:– उच्च न्यायालय ने दुर्व्यवहार, अश्लील हरकत और जातिसूचक गाली देने के गंभीर आरोपों से घिरे जनपद सदस्य (BDC) राकेश गुप्ता पिता राजकुमार गुप्ता (राजु) पुर्व BDC एवं पुर्व जनपद उपाध्यक्ष जनपद बगीचा को बड़ा झटका देते हुए उसकी अग्रिम जमानत याचिका को सिरे से खारिज कर दिया है। अदालत ने साफ शब्दों में कहा कि आरोपी के खिलाफ प्रथम दृष्टया अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत गंभीर अपराध बनता है, ऐसे में उसे अग्रिम जमानत का कोई अधिकार नहीं मिल सकता।
सुनवाई के दौरान पुलिस और अभियोजन पक्ष ने अदालत के सामने चौंकाने वाले तथ्य रखे। बताया गया कि राकेश गुप्ता कोई पहली बार अपराध में घिरा व्यक्ति नहीं है, बल्कि वह एक आदतन अपराधी है। उसके खिलाफ पहले से ही सात आपराधिक मामले दर्ज हैं, जो उसके आपराधिक चरित्र की गंभीरता को दर्शाते हैं।
पीड़िता ने अदालत को यह भी बताया कि आरोपी के राजनीतिक रसूख और दबाव के कारण पुलिस ने शुरुआत में एफआईआर दर्ज करने में टालमटोल की। इसी वजह से शिकायत दर्ज होने में देरी हुई। इस तथ्य को भी अदालत ने गंभीरता से लिया और स्पष्ट किया कि राजनीतिक प्रभाव के कारण कानून की प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश बर्दाश्त नहीं की जा सकती।
उच्च न्यायालय ने मामले की गंभीरता को देखते हुए निचली अदालत—विशेष न्यायाधीश, जशपुर—के फैसले को पूरी तरह सही ठहराया और आरोपी की अपील को खारिज कर दिया। अदालत ने संकेत दिया कि ऐसे मामलों में कानून बेहद सख्त है और किसी भी आरोपी को केवल राजनीतिक हैसियत या प्रभाव के आधार पर राहत नहीं दी जा सकती।
हाईकोर्ट के इस फैसले के बाद अब राकेश गुप्ता की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। अग्रिम जमानत की राहत न मिलने के कारण उसकी गिरफ्तारी कभी भी हो सकती है, और कानून का शिकंजा उस पर कसता हुआ नजर आ रहा है।
आदतन अपराधी पर कोर्ट सख्त: BDC राकेश गुप्ता की अग्रिम जमानत खारिज, गिरफ्तारी के आसार..
Leave a comment


