छत्तीसगढ़ में हर गांव–शहर तक पहुंचेगा महाराजा अग्रसेन का संदेश
रायपुर। अखिल भारतीय अग्रवाल संगठन से संबद्ध छत्तीसगढ़ प्रांतीय अग्रवाल संगठन ने विजयराज अग्रवाल को भगवान श्री अग्रसेन प्रतिमा स्थापना आयोग का प्रदेश संयोजक नियुक्त किया है। यह नियुक्ति संगठन के प्रदेश अध्यक्ष सम्मानीय श्री अशोक अग्रवाल (रायपुर) द्वारा की गई। नियुक्ति पत्र प्रदान करते हुए प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि विजयराज अग्रवाल के नेतृत्व में प्रदेश के समस्त नगर पंचायतों, नगरपालिकाओं, नगर निगमों एवं विकासखंड मुख्यालयों में भगवान महाराजा अग्रसेन की भव्य प्रतिमाएं स्थापित होंगी।
नियुक्ति के पश्चात विजयराज अग्रवाल ने कहा कि महाराजा अग्रसेन सामाजिक न्याय, समानता और सांप्रदायिक सद्भाव के महान प्रतीक रहे हैं। उनके सिद्धांतों ने न केवल अग्रवाल समाज, बल्कि संपूर्ण भारतीय समाज को उद्यमशीलता, परोपकार और आत्मनिर्भरता की दिशा दिखाई है। उन्होंने व्यापार एवं वाणिज्य को बढ़ावा देकर आर्थिक समृद्धि की मजबूत नींव रखी और समाज को संगठित करने का अद्वितीय मॉडल प्रस्तुत किया।

उन्होंने बताया कि सम्पूर्ण छत्तीसगढ़ में एक व्यापक जनआंदोलन प्रारंभ किया जा रहा है, जिसके अंतर्गत प्रत्येक ग्राम व शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर भगवान महाराजा अग्रसेन जी की संगमरमर की प्रतिमा स्थापित की जाएगी। यह अभियान त्याग, सहयोग, अहिंसा और आत्मनिर्भरता जैसी अमर शिक्षाओं को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से शुरू किया जा रहा है।
विजयराज अग्रवाल ने महाराजा अग्रसेन के उस ऐतिहासिक संदेश को स्मरण कराया, जिसमें उन्होंने समाज निर्माण के लिए प्रत्येक परिवार से एक ईंट और एक रुपया देने की अवधारणा प्रस्तुत की थी–जो आर्थिक समरसता और सामाजिक एकता का अनुपम उदाहरण है।
उन्होंने बताया कि यदि स्थानीय अग्रवाल सभा द्वारा ग्राम पंचायत, नगर पंचायत या नगरपालिका से प्रतिमा स्थापना की अनुमति/अनापत्ति प्राप्त कर ली जाती है, तो भगवान महाराजा अग्रसेन की प्रतिमा की व्यवस्था कोरबा के सम्मानित श्री अशोक मोदी एवं कृष्णा हुंडई परिवार के सौजन्य से की जाएगी।
अंत में विजयराज अग्रवाल ने कहा कि उनका उद्देश्य है कि प्रदेश के कोने-कोने तक महाराजा अग्रसेन जी का संदेश पहुंचे और आधुनिक समाज में उनकी शिक्षाएं सामाजिक न्याय, सामुदायिक सेवा और एकता के मूल्यों को और अधिक सुदृढ़ करें। प्रतिमा स्थापना का यह अभियान न केवल सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करेगा, बल्कि समाज को सकारात्मक दिशा देने वाली एक ऐतिहासिक पहल सिद्ध होगा।


