सूरजपुर/भटगांव
ए.डी. जुबली विद्यालय, भटगांव के 12वीं कक्षा के विद्यार्थियों को विद्यालय के प्राचार्य फादर टी. जोसेफ धन्नास्वामी के नेतृत्व में दो दिवसीय शैक्षिक भ्रमण पर काशी (बनारस) ले जाया गया। इस शैक्षिक यात्रा का मुख्य उद्देश्य छात्रों को बनारस एवं सारनाथ के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक महत्व से प्रत्यक्ष रूप से परिचित कराना था।
भ्रमण के दौरान छात्रों के रात्रि विश्राम एवं भोजन की व्यवस्था सारनाथ के समीप स्थित सेंट जॉन्स विद्यालय, लेपुर में की गई, जिसकी समुचित व्यवस्थाएं वहां के प्राचार्य फादर विक्टर हेनरी द्वारा की गईं।

बनारस भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गंगा घाटों, काशी विश्वनाथ मंदिर सहित अनेक ऐतिहासिक स्थलों का अवलोकन किया। छात्रों को नमो घाट से अस्सी घाट तक डबल डेकर बोट में यात्रा कराते हुए विभिन्न घाटों की ऐतिहासिक और धार्मिक विशेषताओं की जानकारी दी गई। इस दौरान मणिकर्णिका घाट और हरिशचंद्र घाट पर होने वाली शवदाह परंपराओं के धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को भी विस्तार से समझाया गया।
इसके साथ ही दशाश्वमेध घाट पर आयोजित भव्य गंगा संध्या आरती के बारे में जानकारी देकर भारतीय संस्कृति की आध्यात्मिक गहराई से विद्यार्थियों को अवगत कराया गया।

शैक्षिक भ्रमण के अगले चरण में छात्रों ने सारनाथ के बौद्ध स्थल का भ्रमण किया, जहां उन्होंने विशाल बौद्ध प्रतिमा, स्तूप, तथा वह ऐतिहासिक स्थान देखा जहाँ गौतम बुद्ध ने पीपल वृक्ष के नीचे अपने पांच शिष्यों को प्रथम प्रवचन दिया था। इसके अतिरिक्त चौखंडी स्तूप एवं गोलाकार स्तूप के ऐतिहासिक महत्व की जानकारी भी दी गई।
इसके बाद छात्रों को बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (BHU) का भ्रमण कराया गया, जहां उन्होंने नए विश्वनाथ मंदिर, BHU मेडिकल कॉलेज, मेडिकल अस्पताल तथा विश्वविद्यालय में संचालित विभिन्न शैक्षणिक एवं अनुसंधान संस्थानों को देखा और उनके कार्यों की जानकारी प्राप्त की।
इस संपूर्ण शैक्षिक भ्रमण के दौरान विद्यार्थियों ने गंगा घाटों की विशिष्ट वास्तुकला, स्थानीय संस्कृति, कला एवं हस्तशिल्प को नज़दीक से समझा। यह यात्रा छात्रों के लिए न केवल ज्ञानवर्धक रही, बल्कि उनके शैक्षिक और सांस्कृतिक दृष्टिकोण को भी व्यापक बनाने वाली साबित हुई।
भ्रमण के समापन के पश्चात छात्र एवं शिक्षक दल सुरक्षित रूप से भटगांव वापस लौट आए।
यह शैक्षिक भ्रमण निश्चित ही विद्यार्थियों के जीवन में एक अविस्मरणीय और प्रेरणादायक अनुभव के रूप में यादगार रहेगा।


