वाड्रफनगर: बलरामपुर जिले के ग्राम पंचायत बेतो में महतारी वंदन योजना की सूची में मृत महिला का नाम दिखने के बाद ग्रामीणों ने शिकायत तो जरूर की, लेकिन विभागीय जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि मृतक महिला के खाते से एक भी रुपया न तो निकाला गया और न ही किसी प्रकार का आर्थिक दुरुपयोग हुआ है।
दस्तावेज़ अपडेट न होने से हुई तकनीकी त्रुटि।
आंगनबड़ी कार्यकर्ता सोनकुमारी उपाध्यक्ष ने बताया कि मृत महिला का नाम पोर्टल पर इसलिए बना रहा क्योंकि मृत्यु प्रमाणपत्र की जानकारी योजना पोर्टल तक समय पर अपडेट नहीं हुई।
आंगनबाड़ी कार्यकर्ता ने भी बताया कि सूची पुरानी जानकारी और पोर्टल के ऑटो-डेटा पर आधारित थी। कई ग्रामीण इलाकों में इंटरनेट और डेटा अपडेट की देरी के कारण ऐसी समस्याएं अक्सर हो जाती हैं।
कार्यकर्ता के खिलाफ गड़बड़ी का कोई सबूत नहीं, न ही किसी आर्थिक लाभ का मामला
विभागीय अधिकारियों ने साफ कहा है कि न तो कार्यकर्ता ने कोई गलत जानकारी दी न किसी ने मृत महिला के खाते से राशि निकाली,न किसी प्रकार की धोखाधड़ी, हेराफेरी या आर्थिक लाभ का मामला सामने आया है।
इससे स्पष्ट है कि यह पूरा प्रकरण सिर्फ तकनीकी देरी और दस्तावेज अपडेट न होने के कारण उत्पन्न हुआ।
कलेक्टर ने दिए सिस्टम को सुधारने के निर्देश
ग्रामीणों की शिकायत के बाद कलेक्टर ने जांच के आदेश तो दिए, लेकिन साथ ही यह भी माना कि ऐसी घटनाएँ सिस्टम में तकनीकी अपडेशन की कमी के चलते सामने आती हैं।
कलेक्टर ने निर्देश दिए हैं कि मृत्यु पंजीकरण प्रणाली को योजना पोर्टल से जोड़ा जाए,आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं को डेटा अपडेट की रियल-टाइम जानकारी उपलब्ध कराई जाए,ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।

आंगनबाड़ी कार्यकर्ता की सफाई मेरी तरफ से न कोई गलती, न कोई लाभ।
कार्यकर्ता ने कहा कि “मैंने डेटा वही भेजा जो पोर्टल पर उपलब्ध था। मृत महिला के खाते से कोई पैसा नहीं निकाला गया है। यह एक तकनीकी गलती है, जिसका मुझे भी अफसोस है, लेकिन मेरी तरफ से किसी प्रकार की लापरवाही या गलत मंशा नहीं थी।”
ग्रामीण भी बोले “जांच हो, लेकिन बेवजह दोष न दिया जाए”
ग्रामीणों का भी कहना है कि वे चाहते हैं कि मामला पूरी तरह साफ हो, लेकिन किसी भी कार्यकर्ता पर बिना प्रमाण आरोप लगाना उचित नहीं उन्होंने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्ता गांव में लगातार बच्चों और महिलाओं के लिए सेवा करती हैं, इसलिए मामले को निष्पक्षता से देखा जाना चाहिए।


